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Thu. Jul 16th, 2026

फिजियोथैरेपी के दौरान इंजेक्शन लगने के बाद युवक की मौत, उपचार करने वाला व्यक्ति फरार

सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के सीनी ओपी क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया। सड़क दुर्घटना से उबर रहे युवक की कथित तौर पर फिजियोथैरेपी के दौरान इंजेक्शन लगाए जाने के बाद तबीयत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद उपचार कर रहा व्यक्ति अपना चप्पल, झोला और अन्य सामान मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

मृतक की पहचान सीनी निवासी श्यामल मजूमदार के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि 4 मार्च को रांची में हुई सड़क दुर्घटना में श्यामल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लंबे समय तक इलाज चलने के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ और वह घर लौट आए थे। इसके बाद वह नियमित रूप से एक निजी फिजियोथैरेपिस्ट प्रकाश प्रजापति से उपचार करा रहे थे।

परिजनों का आरोप है कि गुरुवार को फिजियोथैरेपी के दौरान श्यामल ने अचानक पेट में तेज दर्द होने की शिकायत की। इस पर उपचार कर रहे व्यक्ति ने उन्हें एक इंजेक्शन लगाया। आरोप है कि इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।

घटना के बाद उपचार कर रहा व्यक्ति मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि वह अपना चप्पल, झोला और अन्य सामान वहीं छोड़कर भाग निकला। घटना की सूचना मिलते ही सीनी ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया।

मृतक के पिता सुखदेव मजूमदार ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की मौत इलाज में लापरवाही के कारण हुई है। उन्होंने दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि वह निर्दोष होता तो घटना के बाद मौके से फरार नहीं होता।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है। लोगों ने जिले में कथित झोलाछाप चिकित्सकों और बिना वैधानिक अनुमति के इलाज करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, उपचार कर रहे व्यक्ति की शैक्षणिक योग्यता, वैधानिक अनुमति तथा इंजेक्शन देने के अधिकार से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह पुलिस जांच का विषय है।

सीनी ओपी प्रभारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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