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Wed. Aug 5th, 2026

जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परविंदर सिंह ने झारखंड में आयोजित जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में सामने आ रही कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है तथा युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।

परविंदर सिंह ने मुख्यमंत्री को संबोधित गुहार पत्र में कहा है कि राज्य के लाखों अभ्यर्थी वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। यदि परीक्षा प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठते रहेंगे और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रहेंगी, तो युवाओं का भरोसा व्यवस्था से कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्रों की आशंकाओं का समाधान करना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े सभी आरोपों एवं शिकायतों की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने पारदर्शी चयन प्रक्रिया, तकनीकी निगरानी, समय पर परीक्षा एवं परिणाम, प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र और जवाबदेही सुनिश्चित करने जैसे सुधारात्मक कदम उठाने पर जोर दिया। उनके अनुसार विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था ही राज्य के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित कर सकती है।

परविंदर सिंह ने मुख्यमंत्री से आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ शीघ्र वार्ता करने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुने तथा सकारात्मक पहल करते हुए संवाद के माध्यम से आंदोलन का सम्मानजनक और शांतिपूर्ण समाधान निकाले। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार छात्रों की भावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द निर्णय लेगी और उन्हें न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

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