चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र के सोयांबा गांव में जहर खाने से 33 वर्षीय जीरा मुंडारी की मौत हो गई। वह तीन बच्चों की मां थी। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। वहीं, महिला द्वारा यह कदम उठाने के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है।
परिजनों के अनुसार, जीरा मुंडारी शनिवार को अपने मायके से वापस घर लौटी थी। घर आने के बाद वह कुछ परेशान और गुमसुम नजर आ रही थी। हालांकि उसने दिनभर घर का सामान्य कामकाज किया और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सामान्य व्यवहार करती रही। इसी दौरान उसके पति हरीश मुंडारी किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे।
बताया गया कि पति के बाहर रहने के दौरान जीरा मुंडारी ने घर के एक कमरे में खुद को अंदर से बंद कर लिया। उस समय उसके तीनों बच्चे घर में ही मौजूद थे। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर बच्चे रोने लगे। बच्चों की आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। दरवाजा खोलने पर जीरा मुंडारी कमरे के अंदर बेहोश अवस्था में मिली।
परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर टोंटो थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, चाईबासा भेज दिया।
परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि महिला ने यह कदम किस वजह से उठाया, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। दिनभर सब कुछ सामान्य होने के कारण घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल टोंटो थाना पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

