जमशेदपुर। पूर्व मंत्री एवं झारखंड भाजपा कार्यसमिति सदस्य दुलाल भुईयां ने कहा कि जादूगोड़ा स्थित यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसील) से प्रभावित 30 गांवों के लोगों के अधिकारों की रक्षा और स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए भाजपा पूरी मजबूती के साथ उनके संघर्ष में खड़ी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विस्थापित और प्रभावित परिवार लंबे समय से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समुचित समाधान नहीं हो सका है।
रविवार शाम जादूगोड़ा के हितकु पंचायत स्थित हरि मंदिर क्लब परिसर में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय विस्थापित एवं प्रभावित बेरोजगार शंकर समिति के कार्यसमिति सदस्य बनाए जाने पर दुलाल भुईयां का अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर 30 गांवों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए दुलाल भुईयां ने आरोप लगाया कि यूसील के सीएसआर मद से क्षेत्र के विकास के लिए अपेक्षित कार्य धरातल पर दिखाई नहीं देते। उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों में न तो आधुनिक अस्पताल, न स्टेडियम और न ही गुणवत्तापूर्ण विद्यालय जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि कंपनी ने कागजों में विकास कार्य पूरे होने का दावा किया है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि झारखंड मजदूर यूनियन और भारतीय जनता पार्टी प्रभावित ग्रामीणों के आंदोलन का समर्थन कर रही है। भाजपा की मांग है कि यूसील में स्थानीय विस्थापित एवं प्रभावित युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए तथा क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
दुलाल भुईयां ने बताया कि इन मांगों को लेकर जल्द ही सांसद विद्युत वरण महतो को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को भी पत्र भेजकर यूसील प्रभावित गांवों की समस्याओं और स्थानीय लोगों की मांगों से अवगत कराया जाएगा, ताकि केंद्र स्तर पर उचित पहल हो सके।
कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार दास सहित अमित कुमार दास, शंकर दास, सुजीत कुमार दास, मानिक लाल, पप्पू, रंजीत, आशीष कुमार दास, मधुसुधा, सूरज सिंह, मोनू सिंह, अशोक दास, प्रदीप कुमार दास, कुंज बिभार, कमल राम यादव, दीपक मंडल, सूरज कुमार दास समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे।

