*तीन सूत्री मांगों को लेकर कोयलंचक वाहन ऑनर एसोसिएशन ने दिया कोयला भवन में एक दिवसीय धरना*
*प्रबंधन की तुगलकी फरमान को नहीं चलने देंगे:उदय प्रताप सिंह*
*सरकार कमर्शियल गाड़ियों को 15 वर्ष चलाने की अनुमति देती है,तो फिर कंपनी क्यों वाहनों को 7 वर्ष में ही हटा रही है*
धनबाद :- कोयलंचक वाहन ऑनर एसोसिएशन के सदस्यों ने तीन सूत्री मांगो को लेकर बीसीसीएल कोयला भवन में एक दिवसीय धरना दिया.धरने में एरिया 1 से लेकर 12 व कोयला भवन-वाशरी डिविजिन के सदस्य मौजूद थे.अध्यक्षता प्रवीण ठक्कर व संचालन सुनील पांडे ने किया.मांगो में कंपनी अपने वायदे के अनुसार सभी गाड़ियों को 10 वर्ष तक चलाने, एसओआर के तहत टेंडर कर गाड़ी लेने, कंपनी में जमा इमडी और सिक्युरिटी को रिलीज करना शामिल है.धरने को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बीसीसीएल प्रबंधन की तुगलकी फरमान को किसी कीमत पर चलने नहीं दिया जायेगा.कहा की जब केंद्र व राज्य सरकार कॉमर्शियल वाहनों का 15 वर्ष सड़क पर चलाने ओर टैक्स 12 वर्ष का ले लिया गया है,तो फिर कंपनी गाड़ियों को 7 वर्ष में ही क्यों निकाल रही है.कहा कि वर्ष 2014 में जब गाड़ियां ली गयी थी.तब तत्कालीन सीएमडी ने एसोसिएशन को आश्वासन दिया था की अभी पांच वर्ष का वर्क ऑर्डर दे रहे है.बाद में पांच वर्ष और बढ़ा दिया जायेगा. श्री सिंह ने कहा कि कंपनी अपने वायदे से मुकर रही है.वर्ष 2019 में एसओआर का रजिस्टर कराने के लिये कंपनी ने 59 सौ रुपये लिये.किंतु अब ओपेन टेंडर कर रही है.जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.वर्ष 1990 से एसोसिएशन के सदस्य वाहन चला रहे.कंपनी की तंगहाली में वाहन मालिक कंपनी के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चले.लेकिन अब कंपनी मुनाफे में आ गयी,तो गरीब वाहन मालिकों को भगा कर पूंजीपतियों को ला रही है.महीनों से बिल पड़ा हुआ है.उसे दे नहीं पा रही है और नयी गाड़ियां लेने में लगी है.ऐसा होने नहीं दिया जायेगा. कंपनी के अधिकारियों की जो मंशा है.उसको कभी पूरा नहीं होने देंगे.अगर हमारी रोजगार छीन गयी,तो कंपनी में दूसरे की गाड़ियों को कैसे चलने देंगे.अभी,तो यह धरना झांकी है लड़ाई अभी और बाकी है.पूर्व अध्यक्ष उदय शंकर दुबे ने कहा की कंपनी की जो गलत नीति है.उसे वाहन मालिक कभी नहीं मानेंगे.गरीब वाहन मालिक कर्ज कर कॉमर्शियल वाहन लिये.सरकार टैक्सी प्लेट गाड़ियों को 15 वर्ष तक सड़क पर चलाने की अनुमति है,तो फिर गरीब मालिको को गाड़ियों को 7 वर्ष में कैसे निकाल रही है.गाड़िया चलने से हज़ारो परिवार का चूल्हा जलता है.जब कोई पेट मे लात मारेगी,तो कौन चुप रहेगा.कंपनी को इस अंग्रेजों की फरमान को वापस लेना होगा.धरना में अजय प्रकाश पांडे,संजय सिंह,विष्णुदेव यादव,मो.गयास,अरूण सिंह,मुन्ना सिंह,संतोष सिंह,विश्वजीत मुखर्जी, बीएन पांडे,प्रेम कुमार,संजय वर्मा,दिलीप तिवारी,वीटी सिंह,बीके झा, पप्पू अंसारी,मिंटू सिंह,निर्मल कुमार,राम अयोध्या,साबिर अंसारी,एमए खान,रामप्रीत भर,सुनीता बाउरी, राम शर्मा,कृष्णा पांडे,गुड़िया कुमारी,रामु सिंह,दशरथ यादव,कृपा शंकर तिवारी,शीला देवी,तुलसी महतो,दिलीप यादव,सुभाष चंद्र तिवारी,अशोक सिंह,मो अरमान अंसारी आदि दर्जनों थे.

