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पलामू संगीत जगत के स्तंभ पंडित राम रक्षा मिश्र की 26वीं पुण्यतिथि मनाई गई

*पलामू संगीत जगत के स्तंभ पंडित राम रक्षा मिश्र की 26वीं पुण्यतिथि मनाई गई*

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स्थानीय देवरानी संगीत महाविद्यालय, रेडमा, डालटनगंज में भारतीय शास्त्रीय संगीत के मूर्धन्य गायक व पलामू संगीत जगत के स्तंभ माने जाने वाले ख्याल सम्राट स्वर्गीय पंडित रामरक्षा मिश्र की 26वीं पुण्यतिथि मनाई गई।

 

देवरानी संगीत महाविद्यालय की ओर से हर वर्ष स्व. पंडित राम रक्षा मिश्र पुण्यतिथि कार्यक्रम का आयोजन कर के *संगीत कला के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देने हेतु स्व. पंडित राम रक्षा मिश्र मेमोरियल अवार्ड दिया जाता है । इस वर्ष पंडित सुनील पाठक ,पवई घराना औरंगाबाद बिहार को संगीत गायन के क्षेत्र में, पंडित शंभु पाठक ,रेणुकूट सोनभद्र को तबला वादन के क्षेत्र में और डालटनगंज शहर के प्रख्यात बाँसुरी वादक श्री सच्चिदानंद तिवारी को बाँसुरी वादन के क्षेत्र में “ख्याल सम्राट स्वर्गीय पंडित राम रक्षा मिश्रा मेमोरियल अवॉर्ड ” स्मृति चिन्ह, शॉल और पुष्गुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया गया* ।

इस अवसर पर बाहर से आये हुए और स्थानीय कलाकारों द्वारा चिरस्मरणीय संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। यह कहने की आवश्यकता नहीं कि स्व पंडित रामरक्षा मिश्र संगीत क्षेत्र में डाल्टनगंज की एक संपूर्ण व्यक्तित्व थे और जिनकी प्रेरणा छांव में आज भी सैकड़ों कलाकार पुष्पित होकर अपनी सुरभि बिखेर रहे हैं।

सर्वप्रथम मंच पर उपस्थित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड माटी कला बोर्ड के सदस्य सह प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अविनाश देव, विशिष्ट अतिथि एस डी पी ओ विश्रामपुर श्री सुरजीत कुमार,प्रो. सुभाष चंद्र मिश्र ,पूर्व सैनिक सह समाजसेवी बृजेश शुक्ला,लोक कला सांगीतिक मंच के अध्यक्ष श्री शिशिर शुक्ला, श्री आशुतोष पांडेय , सुमन मिश्र, राजेन्द्र प्रसाद, श्याम लाल मिश्रा और देवरानी संगीत महाविद्यालय के निदेशक सह शास्त्रीय गायक पंडित राजा राम मिश्र के द्वारा महाविद्यालय के प्रांगण में संगीत संध्या कार्यक्रम का प्रारंभ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया । तत्पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों एवं श्रोताओं के द्वारा स्वर्गीय पंडित मिश्र की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि की गई ।

देवरानी संगीत महाविद्यालय के निदेशक पंडित राजा राम मिश्र और उनके पुत्र कार्यक्रम के आयोजक श्री सूरज कुमार मिश्र ने पुष्गुच्छ भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया।

सर्वप्रथम कार्यक्रम का मंच संचालन करते हुए चर्चित मंच संचालक श्री अमित श्रीवास्तव ने पलामू प्रमंडल संगीत जगत के स्तंभ शास्त्रीय संगीतज्ञ स्व. राम रक्षा मिश्र के जीवन शैली पर प्रकाश डालते हुए प्रमंडल में इनकी सांगीतिक योगदान की चर्चा की ।

शास्त्रीय संगीत राग मालकौस , एकताल में ख्याल गायन और द्रुत तराना गाकर संगीत संध्या की शुरुआत की । उनके साथ तबले पर संगत रेनुकूट से पधारे तबला वादक श्री अनमोल पाठक कर रहे थे । इसके बाद पवई घराना, औरंगाबाद बिहार से आये प्रसिद्द ग़ज़ल फ़नकार श्री सुनील पाठक ने एक से बढ़कर एक ग़ज़लों को सुनाया और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति सुर संगम कला केंद्र के राम- श्याम किशोर पांडेय बंधु के द्वारा एक मनमोहक ग़ज़ल से हुई। इनके साथ तबला पर प्रख्यात तबला वादक श्री शिशिर कुमार शुक्ला और बाँसुरी पर संगत श्री पवन शर्मा ने की। श्री उमाशंकर मिश्रा ने ऐ री सखी मंगल गाओ री गाकर अपनी श्रद्धांजलि दी। इनके साथ तबले पर संगत श्री सूरज कुमार मिश्रा ने की ।

पंकज केशरी ने कबीर दास की एक रचना मोको कहाँ ढूंढे रे बन्दे गाकर श्रद्धाजंलि दी। तबले पर संगत भूपेश शर्मा ने किया ।

श्री सुमन मिश्र ने एकताल में बंदिश गाकर श्रद्धासुमन अर्पित की, तबले पर संगत रूपेश रंजन मिश्र ने किया।

प्रसिद्ध गायक श्री शिवकुमार चौधरी ने निर्गुण भजन गाकर पंडित मिश्र को श्रद्धाजंलि दी।

कार्यक्रम का अंत श्री रमेश पाठक जी के द्वारा राग भैरवी में तुलसीदास जी की रचित एक भजन से हुई।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन देते हुए कार्यक्रम के आयोजक श्री सूरज कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि स्व. पंडित राम रक्षा मिश्र की 26 वीं पुण्यतिथि के कार्यक्रम को स्वरशिखर फेसबुक ऑफिसियल पेज पर सीधा प्रसारण भी प्रसारित किया गया है।

इस अवसर पर धीरज मिश्र, डॉ रवि , एनामुल हक, राजेन्द्र प्रसाद, राजेन्द्र स्वर्णकार, श्रवण, शक्ति, आदर्श, प्रत्यूष, बबलू, अभिनव मिश्र, प्रियंवदा और महाविद्यालय के विद्यार्थी, कर्मचारी उपस्थित थे।

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