चाईबासा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के निर्देशानुसार मंडल कारा चाईबासा में ‘मुलाकात से न्याय तक’ विधिक सहायता डेस्क की शुरुआत की गई। यह पहल प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष मो. शाकिर के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चाईबासा द्वारा की गई।
विधिक सहायता डेस्क का संचालन मंडल कारा परिसर के मुलाकाती कक्ष के समीप शुरू किया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि यह हेल्प डेस्क बंदियों से मिलने आने वाले उनके परिजनों को निःशुल्क विधिक सहायता और कानूनी जानकारी उपलब्ध कराएगा।
डेस्क के माध्यम से मुलाकातियों की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा। परिजन बंदियों के मामलों की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे तथा बंदियों की समस्याओं को भी प्राधिकरण के संज्ञान में ला सकेंगे। जिन बंदियों को अधिवक्ता की आवश्यकता होगी, उन्हें निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाएगा।
प्राधिकरण ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य “मुलाकात से न्याय तक” की परिकल्पना को साकार करना है, ताकि किसी भी बंदी को जानकारी या अधिवक्ता के अभाव में न्याय से वंचित न रहना पड़े।
डेस्क में लीगल एड डिफेंस काउंसिल के प्रमुख सुरेंद्र प्रसाद, उप प्रमुख सुरेंद्र प्रसाद दास, सहायक रत्नेश कुमार और पूजा कुमारी के साथ अधिकार मित्र सूरज ठाकुर एवं रेणु देवी क्रमवार उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मंडल कारा के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद

