जमशेदपुर। ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी और यात्रियों की बढ़ती परेशानियों को लेकर रेल यात्री संघर्ष समिति ने सोमवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन के दूसरे छोर स्टार टॉकीज-बर्मामाइंस क्षेत्र में जोरदार हस्ताक्षर अभियान चलाया। अभियान में बड़ी संख्या में यात्रियों और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर रेलवे प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। लोगों ने कहा कि ट्रेनें समय पर नहीं चलने से उनकी नौकरी, व्यवसाय और रोजमर्रा की जिंदगी पर गंभीर असर पड़ रहा है।
अभियान का संचालन समिति के संयोजक पप्पू राव ने किया। उनके साथ अमित शर्मा, बबलू और दुर्गा राव ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। समिति ने घोषणा की कि मंगलवार को मानगो में भी हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, जबकि 24 मई को घाटशिला में हस्ताक्षर अभियान के साथ प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह ने कहा कि घाटशिला कार्यक्रम के बाद समिति की एक बड़ी बैठक होगी, जिसमें आंदोलन के अगले चरण की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो रेलवे के बड़े अधिकारियों के आवास के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि यदि रेलवे प्रशासन आंदोलनकारियों पर मुकदमा भी करता है तो उससे डरने वाले नहीं हैं।
सभा को संबोधित करते हुए सुबोध श्रीवास्तव, कन्हैया सिंह, सतीश सिंह, प्रकाश कोया और कंचन डे ने कहा कि अभी आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चलाया जा रहा है, लेकिन रेलवे प्रशासन यात्रियों की पीड़ा को समझने की कोशिश नहीं कर रहा है। वक्ताओं ने कहा कि उनकी मांग कोई बड़ी नहीं है, वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि टाटानगर से खुलने वाली और यहां पहुंचने वाली ट्रेनें समय पर चलें। यदि रेलवे इतनी बुनियादी मांग भी पूरी नहीं कर पा रहा है तो यह आम यात्रियों के प्रति उसकी उदासीनता को दर्शाता है।
हस्ताक्षर अभियान के दौरान कई यात्रियों ने अपनी समस्याएं खुलकर साझा कीं। इस्पात मेल से करीब सात घंटे की देरी से टाटानगर पहुंचे कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर रेलवे व्यवस्था पर नाराजगी जताई। यात्रियों ने कहा कि ट्रेनों की देरी के कारण उनकी नौकरी तक खतरे में पड़ गई है। रोज देर से पहुंचने पर उनके अधिकारी डांटते हैं, शो-कॉज नोटिस देते हैं और वेतन काट लेते हैं।
धालभूमगढ़ से रोजाना आने-जाने वाले एक यात्री ने बताया कि ट्रेनें लगातार लेट होने से वह रोज अपने बॉस की फटकार सुन रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर नौकरी चली गई तो परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा। वहीं एक अन्य यात्री ने आरोप लगाया कि यात्री ट्रेनों को लूप लाइन में रोककर पहले मालगाड़ियों को पास कराया जाता है, जिससे घंटों देरी होती है। यात्रियों ने सवाल उठाया कि आखिर रेलवे को मालगाड़ियों से इतनी प्राथमिकता क्यों है, जबकि आम लोग परेशान हो रहे हैं।
कार्यक्रम में नीरज सिंह, अजय कुमार, प्रवीण सिंह, राजा, विजय सिंह, शमशाद खान, त्रिदेव सिंह, कुणाल कुमार, हनी परिहार, चंचल दा, मनोज शर्मा, शंकर कर्मकार, सुधीर तिवारी, मो. फिरोज, मुख्तार अहमद, दीपक कुमार, राजा अग्रवाल, अर्जुन मुखी, सुषमा मंडल, दीपू तिवारी और शरद मुखी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

