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Wed. Jul 29th, 2026

भुइयाडीह की इंद्रानगर-कल्याणनगर बस्ती में अतिक्रमण कार्रवाई की आशंका, सैकड़ों बस्तीवासियों ने उपायुक्त कार्यालय पर किया प्रदर्शन

जमशेदपुर। सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भुइयाडीह स्थित इंद्रानगर और कल्याणनगर बस्ती में संभावित अतिक्रमण हटाओ अभियान की आशंका को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में बस्तीवासी उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन कर प्रशासन से राहत की गुहार लगाई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि वर्षों से बसे परिवारों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए बेघर नहीं किया जाए।

बस्तीवासियों का कहना है कि वर्ष 2023 में शहर की 86 बस्तियों के सर्वेक्षण के दौरान उनके क्षेत्र के 145 मकानों को सरकारी भूमि पर अतिक्रमण बताते हुए चिह्नित किया गया था। इसके बाद संबंधित परिवारों को झारखंड पब्लिक लैंड एनक्रोचमेंट एक्ट, 1956 के तहत नोटिस भी जारी किए गए थे। हाल के दिनों में उन्हें जानकारी मिली है कि 6 अगस्त को दंडाधिकारी की नियुक्ति कर बुलडोजर चलाकर इन मकानों को हटाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है।

प्रदर्शन के दौरान बस्तीवासियों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। इसी दौरान वहां से गुजर रहे पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता और मानगो नगर निगम की महापौर सुधा गुप्ता का काफिला रोककर लोगों ने अपनी समस्या से अवगत कराया और हस्तक्षेप की मांग की।

पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने बस्तीवासियों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को किसी भी परिवार का घर तोड़ने से पहले उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा अन्य सरकारी आवासीय योजना के तहत वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना गरीब परिवारों को बेघर करना उचित नहीं होगा और सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

बस्तीवासियों के अनुसार उन्हें सर्किल कार्यालय, जमशेदपुर की ओर से झारखंड पब्लिक लैंड एनक्रोचमेंट एक्ट, 1956 की धारा 6(2) के तहत अंतिम नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में खाता संख्या 245, प्लॉट संख्या 110, वार्ड संख्या-7 स्थित भूमि को सरकारी भूमि बताते हुए 15 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही आदेश का पालन नहीं करने पर कानून के तहत कार्रवाई और दंड का भी उल्लेख किया गया है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जाए।

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