जमशेदपुर। टाटा स्टील को पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए सीएसआर और सस्टेनेबिलिटी में उत्कृष्टता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। कंपनी को यह सम्मान ‘सर्वश्रेष्ठ पर्यावरणीय जिम्मेदारी पहल’ श्रेणी में प्रदान किया गया। बेंगलुरु में हाल ही में वर्ल्ड एचआरडी कांग्रेस की ओर से आयोजित समारोह में टाटा स्टील को यह पुरस्कार दिया गया।
पुरस्कार के लिए विभिन्न संस्थानों और संगठनों से प्राप्त नामांकनों का निर्णायक मंडल ने मूल्यांकन किया। इसमें संबंधित संस्थाओं की उपलब्धियों, पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों तथा सतत समाज के निर्माण में उनके योगदान को प्रमुख आधार बनाया गया। इन मानकों के आधार पर टाटा स्टील की पहलों को सम्मान के लिए चुना गया।
यह सम्मान टाटा स्टील की पर्यावरणीय जिम्मेदारी, संसाधनों के बेहतर उपयोग और औद्योगिक उप-उत्पादों के पुनर्चक्रण एवं पुन: उपयोग की दिशा में जारी प्रयासों को रेखांकित करता है। कंपनी के इंडस्ट्रियल बाय-प्रोडक्ट्स मैनेजमेंट डिवीजन (आईबीएमडी) के माध्यम से औद्योगिक उप-उत्पादों के जिम्मेदार और उत्पादक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की जा रही हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य संसाधनों की दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों से उत्पन्न उप-उत्पादों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है।
टाटा स्टील संसाधन दक्षता और सर्कुलरिटी पर जोर देते हुए ऐसी प्रक्रियाओं को बढ़ावा दे रही है, जिनसे औद्योगिक उप-उत्पादों का उपयोगी और जिम्मेदार तरीके से प्रबंधन किया जा सके। कंपनी के अनुसार, इस तरह की पहल उसके व्यापक सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने में मदद करती हैं।
सीएसआर और सस्टेनेबिलिटी में उत्कृष्टता के राष्ट्रीय पुरस्कार उन संस्थाओं और व्यक्तियों को प्रदान किए जाते हैं, जिन्होंने कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। टाटा स्टील को मिला यह सम्मान कंपनी की पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़ी पहलों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान को दर्शाता है।

