जमशेदपुर। शहर में हाल के दिनों में सामने आई आपराधिक घटनाओं को लेकर भाजपा ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर हमला तेज कर दिया है। मंगलवार को भाजपा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से जमशेदपुर की कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। पार्टी ने आरोप लगाया कि एक ओर अपराधियों और कथित माफिया तत्वों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई प्रभावी नहीं दिख रही है, वहीं दूसरी ओर अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरने वाले आम लोगों पर पुलिस की सख्ती देखने को मिल रही है।
भाजपा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि माफियाओं के लिए ‘मेवा’ और आम जनता की ‘लाठियों से सेवा’ हेमंत सरकार के कथित जंगलराज की तस्वीर है। पार्टी ने आरोप लगाया कि कोयला, बालू और अन्य अवैध कारोबार से जुड़े लोगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है और अपराधियों के खिलाफ पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में है। हालांकि, ये भाजपा के राजनीतिक आरोप हैं।
भाजपा ने जमशेदपुर में पिछले एक सप्ताह के दौरान हुई कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार से कानून-व्यवस्था पर जवाब मांगा। पार्टी ने केनरा बैंक में हुई बड़ी लूट, टाटा कर्मचारी के घर लाखों रुपये की चोरी और सरेआम फायरिंग की घटना को प्रमुखता से उठाया। पार्टी के अनुसार, इन घटनाओं ने शहर में आम लोगों, कारोबारी प्रतिष्ठानों और नौकरीपेशा परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।
भाजपा ने विशेष रूप से गोलमुरी थाना क्षेत्र में केनरा बैंक से हुई लूट की घटना का हवाला दिया। पार्टी ने दावा किया कि अपराधियों ने बैंक में घुसकर बड़ी रकम और आभूषण लूट लिए और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। इस मामले में पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की है और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की तलाश की जा रही है।
पार्टी ने टाटा कर्मचारी के घर हुई लाखों रुपये की चोरी और शहर में हुई फायरिंग की घटना को भी कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए सरकार को घेरा। भाजपा ने कहा कि जब बैंक, घर और सार्वजनिक स्थानों पर लोग खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हों, तब सरकार और पुलिस प्रशासन को अपराध नियंत्रण की रणनीति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
भाजपा ने आरोप लगाया कि झारखंड में सरकार की प्राथमिकता अपराध नियंत्रण और आम नागरिकों की सुरक्षा के बजाय राजनीतिक प्रबंधन तक सीमित हो गई है। पार्टी ने राज्य सरकार पर माफिया तत्वों के साथ कथित सांठगांठ, अपराधियों को संरक्षण और जनता पर अत्याचार जैसे आरोप भी लगाए। भाजपा ने कहा कि सरकार को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय अपराधियों के खिलाफ ठोस और दिखाई देने वाली कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार अपराधियों की गिरफ्तारी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाने की जानकारी दी जाती रही है। ऐसे में भाजपा के आरोपों के बीच जमशेदपुर की हालिया घटनाओं को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। भाजपा ने सरकार से पूछा कि लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं के बीच आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की जवाबदेही किस स्तर पर तय होगी।
पार्टी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जमशेदपुर में हुई हालिया घटनाओं पर स्थिति स्पष्ट करने और पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की मांग की है। भाजपा का कहना है कि अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास कायम करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

