Breaking
Sat. Jul 18th, 2026

प्रेम विवाह और मुआवजे के विवाद में हुई थी शंकर लागुरी की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र के जयपुर गांव में हुए शंकर लागुरी हत्याकांड का पुलिस ने सफल खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, एक फायर की गई गोली का पिलेट तथा एक आईटेल कंपनी का कीपैड मोबाइल फोन भी बरामद किया है। मामले की जानकारी शनिवार को सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टूटी ने प्रेसवार्ता में दी।

उन्होंने बताया कि 13 जुलाई 2026 को सूचना मिली थी कि जयपुर गांव निवासी शंकर लागुरी को उसके छोटे भाई महेन्द्र लागुरी और चचेरे भाई विजय लागुरी ने गोली मार दी है। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पहुंची और गंभीर रूप से घायल शंकर लागुरी को पहले कुमारकुंगी अस्पताल, फिर सदर अस्पताल चाईबासा तथा बाद में बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची भेजा गया। हालांकि रांची ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

मृतक की पत्नी की शिकायत पर हाटगम्हरिया थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)/3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27/35 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जगन्नाथपुर रफाएल मुर्मू के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम ने कार्रवाई करते हुए 17 जुलाई को विजय लागुरी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य सामान बरामद किया गया। इसके बाद 18 जुलाई को दूसरे आरोपी महेन्द्र लागुरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने पूछताछ में अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला कि शंकर लागुरी ने दूसरी जाति की युवती से प्रेम विवाह किया था, जिससे परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसके अलावा जमीन के मुआवजे की राशि के बंटवारे को लेकर भी आरोपियों और मृतक के बीच तनाव था। पुलिस का मानना है कि इन्हीं कारणों से सुनियोजित तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

Related Post