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Thu. Jul 16th, 2026

100 करोड़ के फर्जी जीएसटी बिलिंग मामले में जमशेदपुर का स्क्रैप कारोबारी गिरफ्तार, बड़े सिंडिकेट से जुड़े तार

जमशेदपुर: फर्जी बिल तैयार कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और जीएसटी में करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने के आरोप में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जमशेदपुर के बारीडीह निवासी स्क्रैप कारोबारी अजय शर्मा को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई संयुक्त निदेशक अभिनव कुमार के नेतृत्व में की गई।

डीजीजीआई की जांच में सामने आया है कि अजय शर्मा पर करीब 100 करोड़ रुपये के फर्जी बिल तैयार कर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाने का आरोप है। खुफिया सूचना मिलने के बाद डीजीजीआई की विशेष टीम ने बारीडीह स्थित उसके दो ठिकानों पर गोपनीय तरीके से छापेमारी की। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल रिकॉर्ड और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। इन साक्ष्यों की जांच और लंबी पूछताछ के बाद बुधवार को अजय शर्मा को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

जांच एजेंसी के अनुसार, अजय शर्मा का संबंध जमशेदपुर के कुछ बड़े स्क्रैप कारोबारियों के उस कथित सिंडिकेट से जुड़ा मिला है, जिस पर फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी के जरिए करोड़ों रुपये के जीएसटी घोटाले को अंजाम देने का आरोप है। जांच में उसके संपर्क विक्की भालोटिया, शिव देवरा और अमित गुप्ता से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। ये तीनों कारोबारी इसी मामले में पहले से गिरफ्तार हैं और फिलहाल रांची के होटवार जेल में बंद हैं।

डीजीजीआई लंबे समय से इस अंतर-जिला और अंतर-राज्यीय नेटवर्क की गतिविधियों की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि अजय शर्मा की गिरफ्तारी से पूरे सिंडिकेट की कार्यप्रणाली और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का खुलासा हो सकता है।

जांच एजेंसी अब जब्त किए गए डिजिटल डेटा और दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है। प्रारंभिक जांच के आधार पर संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य कारोबारी और कथित सहयोगी भी जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

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