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संत रविदास जयंती पर भाजपा का ‘समरसता संकल्प’ अभियान शुरू, 30 जिलों के लिए रवाना हुए पवित्र कलश

रांची। भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश ने संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में मंगलवार को डिबडीह स्थित कार्निवल बैंक्वेट हॉल में प्रदेश स्तरीय समरसता संकल्प अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान गुरु रविदास की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र मिट्टी से भरे 30 कलश राज्य के सभी 30 संगठनात्मक जिलों के लिए सुसज्जित रथों के माध्यम से रवाना किए गए। इन कलशों को जिले, मंडल, शक्ति केंद्र और गांव-गांव तक ले जाकर सामाजिक समरसता का संदेश पहुंचाया जाएगा। धार्मिक गुरुओं ने गुरु रविदास के चित्र के समक्ष मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष किशुन दास ने की, जबकि संचालन प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने किया। स्वागत भाषण भी किशुन दास ने दिया। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू संसद सत्र में व्यस्त रहने के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने लिखित संदेश भेजकर कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि गुरु रविदास की पवित्र कलश यात्रा को पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ झारखंड के हर गांव तक पहुंचाया जाए, ताकि उनके समरसता और सामाजिक समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।

मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम ने कहा कि भाजपा उन सभी महापुरुषों को अपना आराध्य मानती है जिन्होंने धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक या राष्ट्रीय जीवन में देश की संस्कृति और मूल्यों को समृद्ध किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने भगवान बिरसा मुंडा, अहिल्याबाई होल्कर, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और गुरु गोविंद सिंह जैसे महापुरुषों की जयंती भी इसी उद्देश्य से व्यापक स्तर पर मनाई है ताकि नई पीढ़ी उनके योगदान से परिचित हो सके।

दुष्यंत गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संत गुरु रविदास के समरसता, समानता और राष्ट्र निर्माण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश जाति, भाषा और धर्म के आधार पर समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार बिना किसी भेदभाव के 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रही है, जो सामाजिक समानता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज को जोड़ने का प्रयास है और संत रविदास के बताए मार्ग पर चलकर ही समरस एवं विकसित भारत का निर्माण संभव है।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि संत रविदास ने कर्म को ही व्यक्ति की पहचान बताया था और सामाजिक भेदभाव का विरोध किया था। उन्होंने संत रविदास के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान में जिस सामाजिक समरसता की भावना को स्थान मिला, उसका संदेश संत रविदास ने सदियों पहले समाज को दिया था।

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आज देश को बांटने की कोशिश करने वाली शक्तियों के खिलाफ समाज को एकजुट रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत “वसुधैव कुटुंबकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की भावना वाला देश है, जहां मानवता और सामाजिक समरसता की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि संत रविदास के विचार आज भी समाज को जोड़ने की प्रेरणा देते हैं और उनके आदर्शों पर चलकर विभाजनकारी सोच को पराजित किया जा सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि वर्तमान समय पुनर्जागरण का युग है। उन्होंने कहा कि भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को एकता और समरसता का संदेश दिया है। गुरु रविदास ने भी गंगा की निर्मल धारा की तरह सरलता और मानवता का संदेश देते हुए समाज को जाति और धर्म से ऊपर उठकर एकसूत्र में रहने की प्रेरणा दी।

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि संत रविदास ने समाज में फैली वैचारिक विकृतियों को दूर कर मानव मूल्यों पर आधारित समाज की स्थापना का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि कलश वंदन अभियान के माध्यम से उनके विचारों को सुदूर गांवों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे समाज के सभी वर्गों को जोड़ने का कार्य होगा।

भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने अभियान की रूपरेखा बताते हुए कहा कि श्रावण मास के पवित्र अवसर पर गुरु रविदास की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र मिट्टी वाले कलशों को घर-घर और मंदिर-मंदिर तक पहुंचाना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान छात्रों, संतों और समाज के विभिन्न वर्गों से संपर्क कर संत रविदास के जीवन और विचारों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 10 सितंबर को पवित्र रज का विसर्जन किया जाएगा तथा इसके बाद माघ पूर्णिमा के अवसर पर रांची में एक विशाल समागम आयोजित होगा। उन्होंने कलश यात्रा के जिला, मंडल, पंचायत, शक्ति केंद्र और गांव स्तर तक पहुंचने की विस्तृत योजना भी साझा की।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम ने वाराणसी स्थित गुरु रविदास की जन्मस्थली से पवित्र कलश लाने वाले सदस्यों को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में अभयकांत प्रसाद, दिनेशानंद गोस्वामी, दीपक प्रकाश, राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, बालमुकुंद सहाय, गणेश मिश्रा, मनोज सिंह, नवीन जायसवाल, सीपी सिंह, मुख्य ग्रंथी विक्रम सिंह, पद्मश्री महावीर नायक, स्वामी ज्ञान जी महाराज, भगत बाल्मीकि, आर्य समाज के संजय, रविदास समाज के दीपक कुमार रवि एवं दीपक राम मंचासीन रहे।

इसके अलावा कार्यक्रम में सरोज सिंह, अमरदीप यादव, मृत्युंजय शर्मा, शोभा यादव, अजय राय, दीनदयाल बर्णवाल, तारिक इमरान, नीरज सिंह, सूरज शाहदेव, विकास प्रीतम, जीतू चरण राम, किशुन दास, राहुल अवस्थी, गंगोत्री कुजूर, आरती सिंह, वरुण साहू, रमेश सिंह, राहुल शाहदेव, रजनीश पांडेय, राकेश भास्कर, पुष्पा देवी, रामकुमार पाहन, समरी लाल, सीमा सिंह, डॉ. संजय सिंह, सुबोध सिंह गुड्डू, सुरेश साहू, दुलाल भुइयां, शशिभूषण मेहता, सीमा शर्मा, सुनीता दास, माया सिंह सिसोदिया सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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