चाईबासा: कोल्हान विश्वविद्यालय के सभागार में मंगलवार को राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) के तहत जिला स्तरीय साथिया (पीयर एजुकेटर) एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम में साथिया (पीयर एजुकेटर) स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित साथिया अपने-अपने क्षेत्रों में किशोर एवं किशोरियों के बीच स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने के साथ-साथ बाल विवाह, यौन शोषण, बाल तस्करी, नशा मुक्ति, एनीमिया, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक करेंगे।
उन्होंने सभी साथिया वॉलिंटियर्स से नियमित रूप से आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) की गोली लेने तथा अन्य किशोर-किशोरियों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। उपायुक्त ने बताया कि जिले में जागृति क्लब का गठन किया जा रहा है तथा प्रत्येक माह की 15 और 30 तारीख को “उमंग” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने सभी वॉलिंटियर्स से इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
उपायुक्त ने जिले में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक माह 8 और 24 तारीख को आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों में अधिक से अधिक युवाओं को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में साथिया वॉलिंटियर्स को योग प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे स्वयं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ समाज को भी इसके लिए प्रेरित कर सकें। साथ ही दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना से कार्य करने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले नामित साथिया (पीयर एजुकेटर) वॉलिंटियर्स को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उत्कर्ष कुमार (उप विकास आयुक्त), श्रुति राजलक्ष्मी (अनुमंडल पदाधिकारी, चक्रधरपुर), डॉ. जुझार माझी (सिविल सर्जन) सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

