चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला स्थित उपायुक्त कार्यालय (पुराना भवन) परिसर में गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा एक दिवसीय महाधरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। महंगाई, बेरोजगारी और केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के विरोध में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। धरना के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आम जनता को राहत देने की मांग उठाई।
धरना को संबोधित करते हुए झामुमो जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा कि देश में लगातार बढ़ रही महंगाई ने गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि लोगों की आमदनी स्थिर बनी हुई है। ऐसे में परिवार चलाना आम लोगों के लिए कठिन होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर बड़े उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों के निजीकरण, बड़े कारोबारियों के कर्ज माफ करने और कर में राहत देने जैसे फैसलों से आर्थिक असमानता बढ़ी है। चुनाव के समय महंगाई कम करने और रोजगार देने के जो वादे किए गए थे, वे आज केवल घोषणा बनकर रह गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महंगाई पर नियंत्रण को लेकर जवाब मांगा।
धरना को झामुमो महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन, जिला उपाध्यक्ष दीपक कुमार प्रधान, मदन गागराई, मंगल सिंह तिउ, सागर महतो, तारकांत सिजुई, सनातन पिंगुवा, सोमबारी बाहांदा, सुखमति बानरा, सोमनाथ चातर, बिरसा तिउ, अकबर खान, प्रेम मुंडरी, इक़बाल अहमद, बंधना उरांव, राजाराम गुप्ता, कैसर परवेज, विश्वनाथ बाड़ा, रामलाल मुंडा, रीना कालिंदी, जानकी हेम्बरम, बसंती सुंडी, विनय प्रधान, डोमा मिंज, अर्जुन बानरा, मनोज लागुरी, राहुल तिवारी और रिंकू रजक समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन झामुमो जिला सचिव राहुल आदित्य ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने दिया।

