चाईबासा।पश्चिमी सिंहभूम के घने सारंडा जंगल में शुक्रवार को नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ 134 बटालियन के सहायक अवर निरीक्षक (जीडी) सत्यवान कुमार सिंह शहीद हो गए। यह घटना उस समय हुई, जब सुरक्षा बल झारखंड–ओडिशा सीमा पर नक्सल विरोधी संयुक्त सर्च अभियान चला रहे थे। धमाके के बाद पूरे इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।
बताया जा है कि नक्सलियों ने पहले से ही राउरकेला के बोंलाग थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित जंगली पहाड़ी इलाके में आईईडी बम लगाकर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की साजिश रची थी। अभियान के दौरान एएसआई सत्यवान कुमार इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल राउरकेला ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पश्चिमी सिंहभूम के एसपी राकेश रंजन ने बताया कि हमले के पीछे नक्सलियों की रणनीति की जांच की जा रही है और इलाके री में गश्त बढ़ा दी गई है। बताया जा रहा है कि प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन, पिंटु लोहरा, चंदन लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन, जयकांत और रापा मुंडा अपने दस्ते के साथ सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्हें खत्म करने के लिए चाईबासा पुलिस, कोबरा 203 व 209 बटालियन, झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ की कई बटालियनों की संयुक्त टीमें अभियान चला रही हैं।
हाल के दिनों में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के हथियारों और ओडिशा से लूटे गए विस्फोटकों का जखीरा बरामद कर उनकी कमर तोड़ दी थी, जिसके बाद नक्सली बौखलाए हुए हैं। इसी बौखलाहट में उन्होंने आईईडी विस्फोट कर सुरक्षाबलों को चुनौती देने की कोशिश की है।

