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गोरक्षकों की सक्रियता से गोवंश तस्करों के चंगुल से बचाई गईं गायें, कपाली में मवेशियों से भरी गाड़ी पकड़ी गई

चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र अंतर्गत कमारगोड़ा हरि मंदिर के समीप शनिवार रात गोरक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता से कथित गोवंश तस्करों के चंगुल से बड़ी संख्या में गायों को बचा लिया गया। सूचना मिलने के बाद गोरक्षक संस्था से जुड़े लोगों ने मौके पर पहुंचकर मवेशियों से भरी एक मालवाहक गाड़ी को पकड़ लिया। वाहन में गायों को बेहद अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। कई गायें कमजोर, भूखी-प्यासी और गंभीर हालत में मिलीं।

मिली जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब आठ बजे स्थानीय लोगों को एक सफेद रंग की टाटा एलपीटी मालवाहक गाड़ी पर संदेह हुआ। वाहन की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर इसकी सूचना गोरक्षक संस्था के सदस्यों को दी गई। सूचना मिलते ही संस्था से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के सहयोग से वाहन को रोक लिया। वाहन संख्या जेएच05सीएन 9716 की जांच करने पर उसमें बड़ी संख्या में गायें भरी हुई मिलीं।

इस संबंध में सोनारी निवासी जयंत ने बताया कि वे गोरक्षक संस्था से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि सूचना मिलने के बाद उनकी संस्था के सदस्य मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से वाहन को पकड़ा गया। जयंत के अनुसार गायों को बेहद क्रूर तरीके से वाहन में भरा गया था और कई मवेशियों की हालत काफी खराब थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गोवंश की तस्करी कर उन्हें दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वाहन के अंदर कई गायें दबकर पड़ी हुई थीं और उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। गोरक्षकों और ग्रामीणों ने तुरंत मवेशियों को वाहन से नीचे उतारा और उन्हें पानी पिलाकर राहत पहुंचाई। घटना की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए और देर रात तक क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

सूचना मिलने पर कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मालवाहक वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वाहन चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मवेशियों को कहां से लाया जा रहा था और उन्हें किस स्थान पर ले जाया जा रहा था।

पुलिस ने सभी गायों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की व्यवस्था शुरू कर दी है। वहीं बीमार और कमजोर मवेशियों के इलाज के लिए पशु चिकित्सकों से भी संपर्क किया गया है। मामले को लेकर पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और वाहन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।

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