बोकारो। दहेज हत्या के बहुचर्चित मामले में कसमार पुलिस ने छह वर्षों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के कोटशिला थाना क्षेत्र अंतर्गत सुलोम लहार निवासी अजय सिंह (पिता–अलकू सिंह) को गुप्त सूचना के आधार पर सेवाती घाटी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। सोमवार को उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, कसमार थाना कांड संख्या 29/2021 में तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498ए, 302 एवं 304बी के तहत मामला दर्ज है। घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत थी।
कसमार थाना के एसआई रोजिद आलम के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने गुप्त सूचना मिलने पर सेवाती घाटी क्षेत्र में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया।
यह मामला कसमार थाना क्षेत्र के दांतू गांव निवासी लोकेश सिंह की पुत्री संगीता देवी की दहेज हत्या से जुड़ा है। आरोप है कि विवाह के बाद पति, सास और ससुर दहेज की मांग को लेकर संगीता को लगातार प्रताड़ित करते थे। 22 जुलाई 2020 को उस पर कथित रूप से केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी गई। गंभीर रूप से झुलसी संगीता को रिम्स, रांची में भर्ती कराया गया, जहां 29 जुलाई 2020 को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
घटना के बाद दर्ज दहेज हत्या के मामले में आरोपी के माता-पिता अलकू सिंह एवं सोहनीबाला देवी पहले ही गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जा चुके हैं। मुख्य आरोपी अजय सिंह की गिरफ्तारी के साथ ही इस बहुचर्चित मामले के सभी नामजद आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

