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20 लाख के इनामी रीजनल कमांडर रविंद्र गंझू गिरफ्तार, AK-56 समेत भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद

लातेहार: झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लगभग तीन दशक से भाकपा (माओवादी) संगठन में सक्रिय और 20 लाख रुपये का इनामी रीजनल कमांडर रविंद्र गंझू उर्फ मुकेश गंझू उर्फ सुरेंद्र गंझू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से AK-56 रायफल, पिस्टल, बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस और अन्य सामान बरामद किए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक लातेहार को लगातार सूचना मिल रही थी कि भाकपा (माओवादी) का रीजनल कमेटी सदस्य रविंद्र गंझू अपने दस्ते के साथ बेतर ओपी क्षेत्र के हेसला बांझी टोला, रंगुनिया और कुडू इलाके में सक्रिय है। सूचना के आधार पर 12 जुलाई 2026 को लातेहार पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा-209 बटालियन के जवानों की संयुक्त विशेष छापामारी टीम गठित कर अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान बांझी टोला गांव के बाहर जंगल से रविंद्र गंझू को विधिवत गिरफ्तार किया गया। तलाशी में उसके पास से एक AK-56 रायफल, उसके दो मैगजीन, 180 जिंदा कारतूस, एक 7.65 एमएम ऑटोमैटिक पिस्टल, दो मैगजीन, 12 जिंदा कारतूस, एक सिंगल बैरल देसी रायफल, 5.56 एमएम के 21 कारतूस, .303 के 16 कारतूस तथा एक काले रंग का पाउच बरामद किया गया।

गिरफ्तार रविंद्र गंझू पर झारखंड सरकार ने 15 लाख रुपये तथा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इस तरह उस पर कुल 20 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ लातेहार, लोहरदगा और गुमला जिलों के विभिन्न थानों में कुल 154 मामले दर्ज हैं। इनमें लातेहार में 40, लोहरदगा में 87 और गुमला में 27 मामले शामिल हैं।

43 वर्षीय रविंद्र गंझू, चंदवा थाना क्षेत्र के हेसला बांझी टोला का रहने वाला है और करीब 30 वर्षों से माओवादी संगठन में सक्रिय रहा है। वह संगठन के रीजनल कमांडर के रूप में चंदवा, गुमला और लोहरदगा क्षेत्र में लेवी वसूली, विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने, सुरक्षा बलों पर हमले तथा आम लोगों में दहशत फैलाने जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है।

पुलिस के अनुसार रविंद्र गंझू कई चर्चित नक्सली घटनाओं का आरोपी रहा है। इनमें वर्ष 2011 में कोने मध्य विद्यालय पर हमला, 2012 में सुरंगी टोगरी विस्फोट में तीन पुलिसकर्मियों की शहादत, 2013 में बरवाडीह क्षेत्र में सीआरपीएफ जवानों पर घात लगाकर किया गया हमला, 2019 में चंदवा के लुकईया मोड़ पर पीसीआर वाहन पर हमला कर चार पुलिसकर्मियों की हत्या, 2021 में रेलवे ट्रैक विस्फोट, 2022 में सड़क निर्माण कार्यों पर हमले, लेवी नहीं मिलने पर निर्माण मशीनों को आग के हवाले करना तथा कई आईईडी विस्फोट और पुलिस मुठभेड़ों जैसी घटनाएं शामिल हैं। इन घटनाओं में कई सुरक्षाकर्मी और ग्रामीण अपनी जान गंवा चुके हैं तथा सरकारी और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया था।

इस संयुक्त अभियान में कोबरा-209 बटालियन के उप कमांडेंट दीपक कुमार, बेतर ओपी प्रभारी रितेश कुमार राव, पुलिस अवर निरीक्षक रितेश तिग्गा, सअनि मजलू कालिंदी, कोबरा-209, एसएटी-45 के जवानों सहित लातेहार पुलिस के अन्य सुरक्षा बल शामिल थे। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अन्य माओवादियों की तलाश के लिए सर्च अभियान लगातार जारी है।

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