जमशेदपुर। शहर के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में मंगलवार को एक अहम घटनाक्रम सामने आया, जब मामले का आखिरी फरार आरोपी राघवेंद्र बिष्टुपुर थाना पहुंचकर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस कार्रवाई और संभावित मुठभेड़ की आशंका के बीच उसने सरेंडर का फैसला लिया। आत्मसमर्पण से पहले उसने कुछ पत्रकारों को इसकी जानकारी भी दी।
राघवेंद्र के सरेंडर के साथ ही इस हत्याकांड में नामजद सभी आरोपी अब पुलिस या न्यायिक हिरासत में पहुंच चुके हैं। इससे पहले मामले के एक अन्य आरोपी राहुल दुबे ने भी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।
गौरतलब है कि 27 जून की रात बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन (डीडी) बार के बाहर हुए विवाद के दौरान करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल हिमांशु को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी।
हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठे थे। मामले में लापरवाही के आरोपों के चलते चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया, जबकि घटना स्थल रहे डीडी बार को प्रशासन ने सील कर दिया था।
जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, डीडी बार के संचालक और भाजपा नेता नीरज सिंह को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
अब अंतिम आरोपी के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस मामले की चार्जशीट तैयार करने और साक्ष्यों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुट गई है। हालांकि, इस बहुचर्चित हत्याकांड को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग और राजनीतिक बयानबाजी का दौर अभी भी जारी है।

