Breaking
Fri. Sep 25th, 2026

*अभिनेता मुश्ताक खान के निधन से फिल्म और रंगमंच जगत में शोक* *चाईबासा इप्टा के कार्यक्रम में भी पहुंचे थे, स्थानीय कलाकारों को किया था प्रोत्साहित*

चाईबासा। मशहूर अभिनेता मुश्ताक खान के निधन की खबर से फिल्म और रंगमंच जगत में शोक की लहर है। 24 सितंबर को मुंबई में उनका निधन हो गया। वे कुछ समय से अस्वस्थ थे और नानावटी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की पुष्टि उनके करीबियों ने की है।

मुश्ताक खान ने हिंदी फिल्मों और टेलीविजन में लंबे समय तक काम किया। ‘वेलकम’, ‘गदर’, ‘आशिकी’, ‘मुझसे शादी करोगी’ और ‘हम हैं राही प्यार के’ जैसी फिल्मों में निभाए गए उनके किरदारों को दर्शकों ने पसंद किया। सहायक भूमिकाओं में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

चाईबासा के रंगमंच से जुड़े लोगों के लिए भी मुश्ताक खान का निधन खास तौर पर दुखद है। वे चाईबासा इप्टा के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय रंगकर्मियों और कलाकारों से मुलाकात की थी। कार्यक्रम में उन्होंने स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों को देखा और उनका उत्साह बढ़ाया था। उनके चाईबासा आने और स्थानीय कलाकारों से संवाद करने की याद अब रंगमंच से जुड़े लोगों के बीच चर्चा में है।

मुश्ताक खान का अभिनय से जुड़ाव केवल फिल्मों तक सीमित नहीं था। उन्होंने रंगमंच पर भी काम किया और इसी माध्यम से अभिनय की बारीकियों को समझने तथा आगे बढ़ने का अवसर पाया। यही कारण है कि रंगमंच से जुड़े कलाकार उन्हें अपने बीच का कलाकार मानते रहे।

उनके निधन से चाईबासा इप्टा और स्थानीय रंगमंच से जुड़े कलाकारों में भी शोक का माहौल है। कलाकारों का कहना है कि मुश्ताक खान जैसे अनुभवी कलाकार का स्थानीय रंगकर्मियों के बीच आना और उन्हें प्रोत्साहित करना हमेशा याद रहेगा। उन्होंने छोटे शहरों और स्थानीय कलाकारों के प्रयासों को भी महत्व दिया।

मुश्ताक खान के निधन से फिल्म और रंगमंच जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसने अलग-अलग भूमिकाओं के जरिए लंबे समय तक दर्शकों का मनोरंजन किया। उनके अभिनय और चाईबासा के कलाकारों के साथ बिताए समय को स्थानीय रंगकर्मी भी याद कर रहे हैं।

Related Post