चाईबासा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा), नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देश पर झींकपानी के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा मौहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रतिनिधि के रूप में उप विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता सुरेन्द्र प्रसाद दास ने छात्राओं को विधिक जानकारी दी। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकार की संरचना और कार्यप्रणाली के साथ संविधान में बच्चों को दिए गए मौलिक अधिकार और कर्तव्यों की जानकारी दी।
उन्होंने बाल विवाह, बाल श्रम, बाल उत्पीड़न, बाल तस्करी और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों से जुड़े कानूनी प्रावधानों और उनके दुष्परिणामों के बारे में छात्राओं को जागरूक किया। साथ ही किसी परेशानी की स्थिति में सहायता लेने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इनमें नालसा हेल्पलाइन 15100, पुलिस हेल्पलाइन 112 और बाल हेल्पलाइन 1098 शामिल हैं।
पीएलबी रेणु देवी ने छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए गंभीर समस्या है और इससे व्यक्ति के शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने छात्राओं से स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।
पीएलबी सोमा बोस ने प्रायोजन योजना और आफ्टर केयर योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद बच्चों को इन योजनाओं के माध्यम से मिलने वाली सहायता के संबंध में जानकारी होना जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रभारी वार्डन सिम्मी बिरुवा ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार की टीम का धन्यवाद किया।

