चाईबासा: मझगांव प्रखंड के पंडुकी गांव स्थित पवित्र देशाउली स्थल पर कथित असामाजिक गतिविधियों तथा घटना के 72 घंटे बाद भी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होने के विरोध में गुरुवार को चाईबासा के अर्जुना हॉल में देशाउली फाउंडेशन, कोल्हान आदिवासी युवा शक्ति एवं विभिन्न आदिवासी संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति से 27 जुलाई (सोमवार) को कोल्हान बंद का आह्वान किया गया।
बैठक में कहा गया कि पंडुकी गांव के पवित्र देशाउली स्थल पर बार-बार असामाजिक तत्वों के जमावड़े, नशीले पदार्थों के सेवन और अड्डेबाजी का विरोध करने पर आदिवासी युवाओं के साथ मारपीट की घटना हुई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि घटना के 72 घंटे बीत जाने के बावजूद दोषियों के खिलाफ प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आदिवासी समाज में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है।
बैठक में यह भी बताया गया कि कई गांवों में ग्राम सभाएं आयोजित कर बाहरी लोगों के प्रवेश और व्यापारिक गतिविधियों पर रोक लगाने जैसे निर्णय लिए जा रहे हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए विभिन्न आदिवासी संगठनों ने प्रशासन पर शीघ्र एवं कड़ी कार्रवाई का दबाव बनाने के उद्देश्य से कोल्हान बंद का निर्णय लिया।
बैठक में आदिवासी समाज के शुभचिंतकों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मझगांव की घटना की निंदा करते हुए जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के पूजनीय देशाउली स्थल के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संगठनों ने घोषणा की कि 27 जुलाई को चाईबासा सहित पूरे कोल्हान क्षेत्र में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

