जमशेदपुर। औद्योगिक क्षेत्र में कुशल वेल्डरों की बढ़ती जरूरत और उच्च गुणवत्ता वाली वेल्डिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता ‘बेस्ट ऑफ द बेस्ट वेल्डर्स-2026’ का मंगलवार को सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), जमशेदपुर में शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का आयोजन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेल्डिंग की जमशेदपुर शाखा की ओर से सीएसआईआर की समेकित कौशल पहल के तहत एनएमएल के सहयोग से किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस दौरान एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेल्डिंग की जमशेदपुर शाखा के अध्यक्ष डॉ. आनंद प्रभाकरन का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।
समारोह में एनएमएल के वरिष्ठतम वैज्ञानिक ‘जी’ एवं एचआरजी डॉ. एस. शिवप्रसाद ने वेल्डिंग की गुणवत्ता को औद्योगिक उत्पादन और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वेल्डेड उपकरणों और संरचनाओं की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए प्रशिक्षित और दक्ष वेल्डरों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेल्डिंग की जमशेदपुर शाखा के अध्यक्ष डॉ. आनंद प्रभाकरन ने कहा कि उद्योगों में कुशल और गुणवत्तापूर्ण वेल्डिंग करने वाले तकनीकी कर्मियों की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में करीब 33 वेल्डर हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें तीन महिला प्रतिभागी भी शामिल हैं। प्रतिभागी दो अलग-अलग श्रेणियों में अपनी दक्षता का प्रदर्शन करेंगे।
एनएमएल के इंजीनियरिंग प्रभाग के प्रमुख एवं वैज्ञानिक ‘एफ’ डॉ. एम. उदय भास्कर राव ने संस्थान में उपलब्ध अत्याधुनिक वेल्डिंग सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने टिग, मिग और रोबोटिक वेल्डिंग तकनीकों के साथ ही इस क्षेत्र में रोजगार और कौशल विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
एनएमएल निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और कुशल वेल्डिंग देश के विनिर्माण क्षेत्र, औद्योगिक सुरक्षा तथा विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह में डॉ. संदीप घोष चौधरी और डॉ. आनंद प्रभाकरन को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में एनएमएल के वैज्ञानिक ‘ई’ डॉ. अतनु दास ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

