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Wed. Jul 22nd, 2026

हत्या की साजिश नाकाम, तड़ीपार अपराधी भाकुड़ समेत 10 बदमाश गिरफ्तार; हथियार और कारतूस बरामद

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक वारदात को समय रहते विफल करते हुए तड़ीपार अपराधी एवं कथित ड्रग्स तस्कर मो. खुर्शीद उर्फ भाकुड़ सहित उसके गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह कुख्यात अपराधी मो. निजाम की हत्या की योजना बना रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से दो देशी पिस्टल, एक अतिरिक्त मैगजीन, सात जिंदा कारतूस और एक फायर किया हुआ खोखा बरामद किया है।

बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि 21 जुलाई को वरीय पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि गरीब नवाज कॉलोनी के समीप खरकई नदी पर बने रेलवे पुल के नीचे मो. खुर्शीद अपने सहयोगियों के साथ हत्या की साजिश रच रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक (नगर) के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक (विधि-व्यवस्था) के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने रेलवे ओवरब्रिज के नीचे से मो. खुर्शीद उर्फ भाकुड़, मो. शहजादा, मो. इकबाल, अरसील शेख उर्फ अस्तर और मो. रिजवान उर्फ कैफ को दबोच लिया। पूछताछ और तलाशी के क्रम में मो. शहजादा के कब्जे से एक देशी पिस्टल, अतिरिक्त मैगजीन और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए। आगे की कार्रवाई में गिरोह के अन्य पांच सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 10 हो गई।

पुलिस पूछताछ में मो. शहजादा ने स्वीकार किया कि उसने हथियारों की खरीद में सहयोग किया था और निजी रंजिश के चलते इस गिरोह के साथ जुड़ा था। पुलिस के अनुसार, हत्या की पूरी योजना को अंजाम देने से पहले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे एक बड़ी आपराधिक घटना टल गई।

इस मामले में जुगसलाई थाना में कांड संख्या 56/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं जिला बदर रहने के बावजूद जिले में प्रवेश कर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में मो. खुर्शीद उर्फ भाकुड़ के खिलाफ झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम (JCCA) के तहत अलग से मामला भी दर्ज किया गया है।

पुलिस के मुताबिक मो. खुर्शीद के विरुद्ध पहले से हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, चोरी और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के फरार एवं अन्य संभावित सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है तथा पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

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