Breaking
Mon. Sep 21st, 2026

15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार राजस्व उप निरीक्षक सतीश प्रसाद निलंबित

चतरा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), हजारीबाग की कार्रवाई में 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार चतरा अंचल कार्यालय के राजस्व उप निरीक्षक सतीश प्रसाद को जिला प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने और गिरफ्तारी के बाद सक्षम प्राधिकारी ने झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के तहत यह कार्रवाई की है। निलंबन 15 सितंबर 2026 से प्रभावी माना गया है और अगले आदेश तक जारी रहेगा।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, एसीबी हजारीबाग की ट्रैप टीम ने 15 सितंबर को चतरा अंचल कार्यालय के हल्का-VII में पदस्थापित राजस्व उप निरीक्षक सतीश प्रसाद को शिकायतकर्ता तुलसी यादव से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इस मामले में भ्र०नि० हजारीबाग थाना कांड संख्या-09/26, दिनांक 14 सितंबर 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 में संशोधन के बाद लागू प्रावधान की धारा 7(ए) के तहत दर्ज किया गया है।

गिरफ्तारी की सूचना और एसीबी के प्रतिवेदन के आधार पर जिला प्रशासन ने सतीश प्रसाद के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। आदेश में कहा गया है कि झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के नियम-9(2)(क) के प्रावधानों के तहत उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, जिसका भुगतान संबंधित नियमावली के नियम-10 के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।

प्रशासनिक आदेश के अनुसार कारावास से मुक्त होने के बाद सतीश प्रसाद को जिला स्थापना शाखा, चतरा में योगदान देना होगा। इसके बाद उनके विरुद्ध विभागीय स्तर पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसीबी की कार्रवाई के बाद राजस्व उप निरीक्षक के निलंबन को जिला प्रशासन की ओर से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। हालांकि, रिश्वत लेने के आरोप से संबंधित आपराधिक मामले में अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

Related Post