चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुई नाबालिग से दुष्कर्म और उसके पिता की हत्या के बहुचर्चित मामले में सोमवार को अदालत ने दोषी को कड़ी सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय संतोष आनंद प्रसाद की अदालत ने आरोपी जामदार सिरका को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास तथा पोक्सो एक्ट के तहत 25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर कुल 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
यह मामला टोंटो थाना कांड संख्या 36/2022, दिनांक 29 अगस्त 2022 से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार जामदार सिरका, जो टोंटो थाना क्षेत्र के जामडीह टोला तिलयडीह का निवासी है, ने एक नाबालिग बच्ची को डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। वारदात का विरोध करने पर आरोपी ने बच्ची के पिता पर जानलेवा हमला कर उनकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद टोंटो थाना में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
मामले की जांच के दौरान चाईबासा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों को प्रमाणित किया, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए भारतीय न्याय संहिता के समकक्ष पूर्व भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 30 हजार रुपये जुर्माना तथा पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 25 वर्ष के कठोर कारावास एवं 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।

