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ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्मांतरण के खिलाफ जनजागरण अभियान पर निकलेंगे पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां, बोले– भोले-भाले ग्रामीणों को बहकाने की हो रही कोशिश, देश और प्रदेश के लिए है खतरनाक

जमशेदपुर। पूर्व मंत्री, भाजपा नेता एवं अखिल भारतीय भुईयां समाज कल्याण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुलाल भुईयां 19 जुलाई से झारखंड के चार जिलों के दौरे पर निकलेंगे। इस दौरान वे लातेहार, पलामू, गढ़वा और चतरा में आयोजित भुईयां समाज की सामाजिक महापंचायतों में शामिल होकर समाज के लोगों को धर्मांतरण के प्रति जागरूक करेंगे। उन्होंने बताया कि इस अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और इसका मुख्य उद्देश्य भुईयां समाज के लोगों को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूक करना है।

दुलाल भुईयां ने आरोप लगाया कि कुछ ईसाई मिशनरी और ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करने वाले लोग गांव-गांव जाकर भोले-भाले ग्रामीणों को बहकाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर उनका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार लोगों से कहा जाता है कि धर्म परिवर्तन करने के बाद उनकी सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी, उन्हें सीधे ईश्वर तक पहुंचा दिया जाएगा और आर्थिक रूप से भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे दावे पूरी तरह भ्रामक हैं और समाज के लोगों को इनके झांसे में नहीं आना चाहिए।

पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का एक ही पिता होता है, जिसने उसे जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को यह समझना चाहिए कि किसी भी प्रकार के बहकावे में आकर अपनी परंपरा और धार्मिक आस्था को छोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म परिवर्तन के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर ग्रामीणों को भ्रमित किया जा रहा है।

दुलाल भुईयां ने कहा कि भुईयां समाज को अपनी संस्कृति, परंपरा और धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि यदि धर्मांतरण की यह प्रक्रिया लगातार जारी रही तो इससे देश की जनसांख्यिकीय स्थिति (डेमोग्राफी) पर भी प्रभाव पड़ेगा, जिसे उन्होंने भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।

उन्होंने कहा कि समाज किसी भी व्यक्ति के अपने धर्म का पालन करने के अधिकार का सम्मान करता है, लेकिन यदि किसी को प्रलोभन, दबाव, भय या झूठे वादों के आधार पर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता है, तो उसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने ऐसे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी को ग्रामीणों को बहकाकर धर्मांतरण कराते हुए पाया गया तो समाज इसका कड़ा प्रतिरोध करेगा।

पूर्व मंत्री ने बताया कि उनके झारखंड दौरे के तहत 19 जुलाई को लातेहार, 20 जुलाई को पलामू, 21 जुलाई को गढ़वा और 22 जुलाई को चतरा में समाज के लोगों के साथ बैठकें एवं सामाजिक महापंचायतें आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों में धर्मांतरण के मुद्दे के अलावा सामाजिक एकता, शिक्षा, संगठन की मजबूती और समाज के विकास पर भी चर्चा होगी।

उन्होंने जानकारी दी कि 21 जुलाई 2026 को गढ़वा में रांका रोड स्थित वाटिका हॉल में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक भुईयां समाज की सामाजिक महापंचायत आयोजित होगी। इसके बाद 22 जुलाई 2026 को चतरा में केशव पैलेस वेंकट हॉल में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सामाजिक महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में विभिन्न जिलों से समाज के प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी और बड़ी संख्या में भुईयां समाज के लोगों के शामिल होने की संभावना है।

दुलाल भुईयां ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे बड़ी संख्या में इन महापंचायतों में भाग लें और अपनी धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर कार्य करें।

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