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झारखंड में कानून-व्यवस्था बदहाल, डीएमएफटी की हजारों करोड़ की राशि का लाभ गांवों तक नहीं पहुंचा: बाबूलाल मरांडी

चाईबासा। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सोमवार को पश्चिमी सिंहभूम के तीन दिवसीय दौरे पर चक्रधरपुर पहुंचे। उनके आगमन पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं, पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत किया। स्वागत के बाद उन्होंने वीर अर्जुन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मीडिया से बातचीत में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि उनका यह दौरा पश्चिमी सिंहभूम के खनिज संपदा वाले क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति को समझने के उद्देश्य से है। उन्होंने बताया कि अगले तीन दिनों तक वे सारंडा सहित जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों का दौरा करेंगे, जहां स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को जानेंगे और सरकारी विकास योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का आकलन करेंगे।

उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने हाल के दिनों में जमशेदपुर में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लोगों के बीच असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है।

डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड के उपयोग पर भी बाबूलाल मरांडी ने सरकार और प्रशासन को घेरा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जैसे खनिज संपदा से समृद्ध जिले को पिछले दस वर्षों में लगभग 3,700 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जबकि हर वर्ष 300 करोड़ रुपये से अधिक का फंड मिलता है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद विकास का असर गांवों में दिखाई नहीं देना गंभीर सवाल खड़े करता है।

मरांडी ने कहा कि अपने दौरे के दौरान वे सारंडा समेत विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर ग्रामीणों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से जानेंगे। दौरे में सामने आने वाले मुद्दों और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को उचित मंच पर उठाया जाएगा ताकि संबंधित क्षेत्रों के लोगों को उनका अधिकार और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।

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