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ऑपरेशन अमानत के तहत आरपीएफ ने लौटाया युवती का खोया बैग, ईमानदारी की मिसाल पेश

रांची। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) रांची ने ऑपरेशन “अमानत” के तहत एक यात्री की खोई हुई संपत्ति को सुरक्षित उसके वास्तविक स्वामी तक पहुंचाकर ईमानदारी और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। आरपीएफ की तत्परता के कारण एक युवती को उसका खोया हुआ बैग वापस मिल सका, जिससे उसने राहत की सांस ली।

जानकारी के अनुसार रांची रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान आरपीएफ पोस्ट रांची के समीप एस्केलेटर के पास एक लावारिस पिट्ठू बैग पड़ा हुआ मिला। बैग मिलने के बाद आरपीएफ कर्मियों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए उसे अपने कब्जे में लिया और रेलवे उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से उसके मालिक की तलाश शुरू की। काफी प्रयासों के बावजूद जब कोई व्यक्ति बैग पर दावा करने नहीं पहुंचा, तब मामले की जानकारी रांची सुरक्षा नियंत्रण कक्ष को दी गई।

इसके बाद नियंत्रण कक्ष से प्राप्त सूचना के आधार पर बैग के संभावित स्वामी का नाम और मोबाइल नंबर हासिल किया गया। आरपीएफ अधिकारियों ने फोन के माध्यम से बैग की मालिक उषा कुमारी से संपर्क किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वह तत्काल आरपीएफ पोस्ट नहीं पहुंच सकती हैं और बाद में आकर बैग प्राप्त करेंगी।

निर्धारित तिथि पर देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के लोदीवारन गांव निवासी 21 वर्षीय उषा कुमारी आरपीएफ पोस्ट रांची पहुंचीं और बैग पर अपना दावा प्रस्तुत किया। पहचान और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं के सत्यापन के बाद आरपीएफ ने उन्हें उनका बैग सौंप दिया। बैग में नए और पुराने कपड़ों के अलावा एक मोबाइल चार्जर रखा हुआ था, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग पांच हजार रुपये बताई गई।

अपनी खोई हुई संपत्ति वापस मिलने पर उषा कुमारी ने रेलवे सुरक्षा बल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आरपीएफ कर्मियों की ईमानदारी, तत्परता और सहयोगात्मक रवैये की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों के कारण उन्हें अपना सामान सुरक्षित वापस मिल सका।

इस पूरी कार्रवाई में महिला उप निरीक्षक प्रियंका कुमारी, सहायक उप निरीक्षक भूतेश झा तथा आरक्षक प्रमोद कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरपीएफ की यह पहल यात्रियों की सुरक्षा और उनकी संपत्ति की रक्षा के प्रति बल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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