रांची। यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) रांची ने ऑपरेशन “सेवा” के तहत एक अस्वस्थ यात्री को समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराकर मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया। आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई से यात्री को आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सकी और उसे सुरक्षित रूप से परिजनों के साथ आगे के उपचार के लिए भेजा गया।
जानकारी के अनुसार 8 जून 2026 की रात रांची रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर से सूचना प्राप्त हुई कि ट्रेन संख्या 17322 एक्सप्रेस के ए-3 कोच की बर्थ संख्या 41 पर यात्रा कर रहे एक यात्री की तबीयत अचानक खराब हो गई है। इसी संबंध में रेलमदद पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। सूचना मिलते ही आरपीएफ रांची, स्टेशन प्रबंधन और रेलवे चिकित्सा विभाग ने समन्वय स्थापित करते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
ट्रेन के रांची स्टेशन पहुंचते ही चिकित्सकीय टीम, स्टेशन मास्टर और आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे तथा यात्री की स्वास्थ्य जांच कराई गई। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि यात्री के शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य से कम है और उसे तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता है।
इसके बाद आरपीएफ कर्मियों ने यात्री सैमुअल श्रीनाथ हसादा (51 वर्ष), निवासी ए एंड बी कॉलोनी, सुल्तानपुर, जिला बेल्लारी, कर्नाटक को सुरक्षित रूप से ट्रेन से उतारकर आवश्यक सहायता प्रदान की। प्राथमिक चिकित्सा और जांच के बाद यात्री को उसके परिजनों के साथ बेहतर इलाज के लिए रवाना किया गया।
इस पूरे अभियान में आरपीएफ पोस्ट रांची के सहायक उप निरीक्षक अरुण कुमार, आरक्षक मुकेश कुमार तथा महिला आरक्षक सुलेखा देवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तीनों कर्मियों ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई करते हुए यात्री को समय पर मदद उपलब्ध कराई।
यात्री और उसके परिजनों ने आरपीएफ रांची की संवेदनशीलता, तत्परता और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। रेलवे सुरक्षा बल ने बताया कि “ऑपरेशन सेवा” का उद्देश्य यात्रा के दौरान बीमार, असहाय और जरूरतमंद यात्रियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। रांची में की गई यह कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा, सेवा और मानवीय सहायता के प्रति आरपीएफ की प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

