Breaking
Tue. May 19th, 2026

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी, आम लोगों की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर इजाफा किया गया है। एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार ईंधन के दाम बढ़ने से आम लोगों पर महंगाई का दबाव और बढ़ गया है।

तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में 86 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 83 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर तक वृद्धि की गई थी। लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण बीते पांच दिनों में ईंधन करीब चार रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है।

नई दरों के बाद दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। बढ़ोतरी से पहले राजधानी में पेट्रोल 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था।

पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ सीएनजी उपभोक्ताओं को भी झटका लगा है। दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलो की वृद्धि की गई है। अब दिल्ली में सीएनजी 80.09 रुपये प्रति किलो और नोएडा में 88.70 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है। इससे पहले 15 मई को भी सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी।

लगातार बढ़ रहे ईंधन के दामों का असर सबसे ज्यादा नौकरीपेशा लोगों, ऑटो और टैक्सी चालकों तथा ऐप आधारित कैब सेवाओं से जुड़े लोगों पर पड़ने की आशंका है। परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं और खाद्य सामग्री की कीमतों में भी तेजी आ सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। वहीं डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी कमजोर होकर रिकॉर्ड निचले स्तर 96.23 तक पहुंच गया है, जिससे भारत जैसे आयात आधारित देशों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

आर्थिक जानकारों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात में सुधार नहीं हुआ और रुपये पर दबाव बना रहा तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी, जिसका असर बाजार में कई जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।

Related Post