चाईबासा: कोल्हान विश्वविद्यालय के अंतर्गत महाविद्यालयों में संकायों के स्थानांतरण के फैसले के विरोध में सोमवार को महिला कॉलेज चाईबासा की छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्राओं ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई और प्राचार्या के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
छात्राओं का कहना था कि झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र के तहत कोल्हान विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों में संकायों का स्थानांतरण किया जा रहा है, जिसका वे विरोध करती हैं।
उनका कहना है कि महिला महाविद्यालय विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था। ऐसे में संकायों के स्थानांतरण से छात्राओं की सुरक्षा और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने कहा कि इस प्रक्रिया से महिला छात्राओं के समान अधिकारों पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि महाविद्यालय के हो विभाग में पिछले कई वर्षों से बड़ी संख्या में छात्राएं अध्ययन कर रही हैं, लेकिन जारी सूचना में हो विभाग को सुचारू रूप से संचालित रखने को लेकर कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।
छात्राओं ने मांग की कि महिला महाविद्यालय के किसी भी संकाय का स्थानांतरण तत्काल रोका जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आगे व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगी।
छात्राओं ने कहा कि महिला शिक्षा और सुरक्षा के मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से महिला महाविद्यालय की गरिमा और छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
आंदोलन का नेतृत्व माधुरी हेम्ब्रम, संगीता जेराई, अनिता आल्डा और नीलम जामुदा ने किया। मौके पर सगुन हांसदा, जतिन दास सहित जिले के अन्य छात्र प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
इस संबंध में जानकारी छात्र प्रतिनिधि सत्येन महतो की ओर से दी गई।

