चक्रधरपुर। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर रेल मंडल में राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को मंडल रेल प्रबंधक तरुण हुरिया की अध्यक्षता में तिमाही बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मंडल रेल प्रबंधक के सभाकक्ष में हुई, जिसमें जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के दौरान हिंदी में हुए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा राजभाषा के उपयोग, पत्राचार, नोटिंग-ड्राफ्टिंग तथा आधिकारिक कार्यों में हिंदी के बढ़ते प्रयोग पर चर्चा करते हुए भविष्य की कार्ययोजना भी तय की गई।
बैठक के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राजभाषा हिंदी का प्रयोग केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि इसे कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक सरकारी कार्य हिंदी में किए जाएं और कर्मचारियों को इसके लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही, हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए मंडल स्तर पर कवि सम्मेलन, हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, कार्यशाला और अन्य रचनात्मक कार्यक्रमों के आयोजन पर भी जोर दिया गया।
इस अवसर पर हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। रेलवे बोर्ड की व्यक्तिगत नकद पुरस्कार योजना के तहत पुरस्कृत वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर नील माधव दाश और मंडल यातायात निरीक्षक देवाशीष साहू को मंडल रेल प्रबंधक द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा, कार्मिक विभाग के अधीन कार्यरत राजपत्रित अनुभाग को इस तिमाही में सराहनीय कार्य के लिए राजभाषा रनिंग ट्रॉफी से नवाजा गया।
कार्यक्रम में ‘रेल संरक्षा’ विषय पर आयोजित कविता प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में शेखर कुमार, मुकेश कुमार सिंह और कौशल कुमार झा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए क्रमशः शीर्ष स्थान हासिल किया। सभी विजेताओं को नकद पुरस्कार, पुस्तकें और प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
बैठक में अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन), मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मुख्य परियोजना प्रबंधक (गतिशक्ति) सहित विभिन्न विभागों के शाखा अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सामान्य) एवं राजभाषा अधिकारी द्वारा किया गया, जबकि अंत में वरिष्ठ अनुवादक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। बैठक के माध्यम से मंडल में हिंदी के उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ठोस कदम उठाने पर सहमति बनी।

