जमशेदपुर। मानगो श्मशान घाट के समीप स्थित प्राचीन एवं आस्था के केंद्र मां कात्यायनी काली और स्वर्णरेखा शिव पार्वती मंदिर में गुरुवार को विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। भुईयां समाज की कुलदेवी मानी जाने वाली मां कात्यायनी काली के इस चमत्कारी धाम में झारखंड के पूर्व मंत्री और तीन बार विधायक रह चुके दुलाल भुईयां ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, सफल और दीर्घायु जीवन की कामना की।
मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और मां काली के जयकारों के बीच आयोजित पूजा में दुलाल भुईयां ने मां के चरणों में पुष्प अर्पित कर राष्ट्र की सुख-समृद्धि और जनकल्याण के लिए भी प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि मां कात्यायनी काली का यह प्राचीन मंदिर केवल भुईयां समाज ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि मां के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है और भक्तों को कठिन परिस्थितियों में भी नया मार्ग मिलता है।
दुलाल भुईयां ने मंदिर के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि वे वर्षों से मां कात्यायनी काली की आराधना करते आ रहे हैं। उनका विश्वास है कि सार्वजनिक जीवन में मिली सफलताओं और जनसेवा के अवसरों के पीछे मां का आशीर्वाद रहा है। उन्होंने कहा कि मां की कृपा से ही उन्हें तीन बार विधायक और दो बार मंत्री के रूप में जनता की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ। जीवन के हर महत्वपूर्ण पड़ाव पर उन्होंने मां काली का आशीर्वाद लिया और हमेशा सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए।
मानगो श्मशान घाट के समीप स्थित यह मंदिर धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि मां कात्यायनी काली यहां अपने भक्तों की पुकार शीघ्र सुनती हैं। यही कारण है कि दूर-दराज के लोग भी अपनी मनोकामनाओं के साथ इस मंदिर में पहुंचते हैं और मां के दरबार में मत्था टेकते हैं।
पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने मां काली की आरती में भाग लेकर देश, समाज और परिवार की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर दुलाल भुईयां ने कहा कि मां कात्यायनी काली की कृपा से राष्ट्र निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दीर्घायु और शक्ति प्राप्त हो, जिससे वे देश की सेवा करते रहें। मंदिर में आयोजित यह विशेष पूजा श्रद्धा, विश्वास और सनातन परंपरा के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण बन गई। इस मौके पर सदानंद टोपनो, कमालराम यादव, आशीष भुईयां ,निमाई मंडल, मनोज कुमार मंडल, वेंकट राव, विशाल नायक भुईयां,सुबोल प्रमाणिक और राज भुईयां सहित अनेक लोग मौजूद थे।

