जमशेदपुर।खालसा प्रकट दिहाड़े (बैसाखी) के पावन अवसर पर श्री गुरुद्वारा सिंह सभा, मानगो में 113 यूनिट रक्त संग्रहित कर बैशाखी पर्व को और भी गौरवशाली बना दिया। मंगलवार को गुरुद्वारा साहिब मानगो में धार्मिक आस्था के साथ-साथ मानव सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। जहां एक ओर 14 अप्रैल को रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा था, वहीं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (एसजीपीसी) के सिख धर्म प्रचारक भाई गुरविंदर सिंह (जम्मू वाले) के सान्निध्य में धार्मिक समागम भी संपन्न हुआ।
इसी कड़ी में रक्तदान शिविर 14 अप्रैल को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक गुरुद्वारा साहिब परिसर में आयोजित किया गया जहाँ आगंतुक श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों से बढ़-चढ़कर रक्तदान कर बैशाखी रक्तदान शिविर को अतिसफल बनाया। आयोजकों का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान देकर मानवता की सेवा करना था। ‘रक्तदान महादान’ के संदेश के साथ इस पहल ने समाज में सेवा और सहयोग की भावना को सशक्त किया। इसी क्रम में 14 अप्रैल को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक गुरमत समागम आयोजित किया गया, जिसमें गुरबाणी कीर्तन एवं धार्मिक विचारों का प्रसार हुआ। भाई गुरविंदर सिंह (जम्मू वाले) इस दौरान संगत को सिख इतिहास एवं गुरुओं की शिक्षाओं से अवगत कराया। गुरुद्वारा सिंह सभा, मानगो के महासचिव सरदार जसवंत सिंह जस्सू ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है और खालसा प्रकट दिवस सिख इतिहास का अत्यंत महत्वपूर्ण दिहाड़ा है। इस पावन अवसर पर सेवा और सिमरन दोनों का संगम हमें मानवता के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है।
जस्सू ने बताया कि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा समागम और रक्तदान के वीरों का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस मौके पर गुरु का अटूट लंगर निरंतर चलता रहा। आयोजकों ने सभी संगतों से कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सक्रिय सहभागिता और एमजीएम अस्पताल की टीम को रक्तदान शिविर में सहयोग और योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

