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चतरा पुलिस की बड़ी सफलता, लूट की साजिश रच रहे चार अपराधी गिरफ्तार

*चतरा :* चतरा पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक वारदात को होने से पहले ही रोक दिया। हंटरगंज थाना क्षेत्र में संभावित लूट की योजना बना रहे अंतरराज्यीय गिरोह के चार शातिर अपराधियों को पुलिस ने हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एसपी अनिमेष नैथानी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम गठित की गई। टीम ने हंटरगंज के डुमरिया स्कूल परिसर में छापेमारी कर चारों अपराधियों को दबोच लिया। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान बिहार के गया जिले के बाराकला निवासी गौतम कुमार उर्फ गौतम पासवान, चतरा के बड़का पिंडरा निवासी चिंटू कुमार उर्फ गोरा पासवान, गया के जयगीर निवासी प्रवीण कुमार और फतेहपुर निवासी विकास मांझी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार ये सभी अपराधी झारखंड और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय थे और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे।

*हथियार, कारतूस और बाइक बरामद*

छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान बरामद किया। इनके कब्जे से दो पिस्टल, एक देशी कट्टा, चार जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिल जब्त की गईं। बरामद कारतूसों में 7.65 एमएम की दो गोलियां और 8 एमएम की दो गोलियां शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक घटना में किया जाना था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे हंटरगंज थाना क्षेत्र में बड़ी लूट की घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि पुलिस की समय पर कार्रवाई के कारण उनकी योजना सफल नहीं हो सकी। समाहरणालय स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एसपी अनिमेष नैथानी ने बताया कि अपराध नियंत्रण और संगठित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह सफलता मिली है।

*कई संगीन मामलों में वांछित हैं आरोपी*

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार अपराधियों का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा है। गौतम पासवान के खिलाफ झारखंड और बिहार के विभिन्न थानों में नौ मामले दर्ज हैं। वहीं चिंटू कुमार के खिलाफ आठ और प्रवीण कुमार के खिलाफ एक मामला दर्ज है। विकास मांझी की तलाश भी बिहार पुलिस को चार अलग-अलग आपराधिक मामलों में थी। इन मामलों में हत्या, लूट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। एसपी ने बताया कि यह गिरोह झारखंड और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में काफी सक्रिय था। अपराधी एक राज्य में वारदात को अंजाम देने के बाद दूसरे राज्य में जाकर छिप जाते थे, जिससे पुलिस को उन्हें पकड़ने में परेशानी होती थी। लेकिन इस बार चतरा पुलिस ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए समय रहते कार्रवाई की और बड़ी घटना को टाल दिया।

*फरार अपराधियों की तलाश जारी*

पुलिस ने इस मामले में हंटरगंज थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। इस पूरे अभियान में सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन, हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार, एसआई नितेश कुमार प्रसाद, एसआई वीर बहादुर सिंह और सशस्त्र बल के जवानों की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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