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Fri. Jul 31st, 2026

सूरजमल जैन डीएवी स्कूल में मनाई गई मुंशी प्रेमचंद जयंती, साहित्यिक कार्यक्रमों से दी श्रद्धांजलि

अंग्रेजी शिक्षक त्रिदेव विश्वास को सेवानिवृत्ति पर दी गई भावभीनी विदाई

चाईबासा: सूरजमल जैन डीएवी पब्लिक स्कूल, चाईबासा में शुक्रवार को हिंदी साहित्य के महान कथाकार एवं साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती श्रद्धा और साहित्यिक गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय में विशेष प्रार्थना सभा, वैदिक हवन-यज्ञ और साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ से हुई। इसके बाद विद्यालय परिवार ने मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

विद्यालय के प्राचार्य-सह-एआरओ ओ. पी. मिश्रा ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद का साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाला प्रकाश-स्तंभ है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रेमचंद की रचनाओं का अध्ययन कर उनके मानवीय मूल्यों, सामाजिक संवेदनाओं और नैतिक आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

हिंदी विभागाध्यक्ष एस. बी. सिंह ने प्रेमचंद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी लेखनी ने समाज के वंचित वर्गों की पीड़ा, संघर्ष और आशाओं को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद की रचनाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं।

साहित्यिक प्रस्तुतियों के दौरान हर्षिता, तनिष्का और संगीत ने सामूहिक कविता पाठ प्रस्तुत किया। रेवांश मोहंती ने कविता पाठ किया, जबकि कक्षा आठ के छात्र रुद्र मिश्रा और छात्रा तनिष्का अधिकारी ने मुंशी प्रेमचंद के जीवन, साहित्य और सामाजिक योगदान पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने साहित्य, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर विद्यालय के अंग्रेजी शिक्षक त्रिदेव विश्वास को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गई। प्राचार्य ओ. पी. मिश्रा तथा विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उनके सुखद एवं स्वस्थ भविष्य की कामना की।

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