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गुरु अर्जन देव जी की शहादत को समर्पित छबील, श्रद्धालुओं ने बांटा शर्बत और चना प्रसाद

जमशेदपुर। सिखों के पांचवें गुरु, महान संत और शहादत के प्रतीक श्री गुरु अर्जन देव जी की 401वीं शहादत को समर्पित एक विशाल छबील का आयोजन रविवार को सोनारी राम मंदिर चौक पर किया गया। यह आयोजन सोनारी गुरुद्वारा संस्थापक सदस्य कमेटी के तत्वावधान में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में सिख समाज के लोगों के साथ स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया।

भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में राहगीरों, वाहन चालकों और आम लोगों के बीच ठंडा मीठा शर्बत तथा चना प्रसाद वितरित किया गया। सुबह से ही सेवा कार्य में जुटे श्रद्धालुओं ने गुरु परंपरा के अनुरूप निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा की। कार्यक्रम में उन परिवारों और सदस्यों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई, जिनका योगदान सोनारी गुरुद्वारा साहिब के निर्माण और विकास में रहा है।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता बन्ना गुप्ता तथा समाजवादी चिंतक एवं अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू भी पहुंचे। दोनों नेताओं ने श्रद्धालुओं के साथ मिलकर शर्बत वितरण किया और गुरु अर्जन देव जी के बताए मानवता, सेवा और त्याग के मार्ग को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव जी की शहादत धार्मिक स्वतंत्रता, मानवाधिकार और सत्य के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदानों में से एक है, जिसकी प्रेरणा आज भी समाज को मिलती है।

कार्यक्रम के दौरान संगत के वरिष्ठ सदस्यों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर सेवा कार्य किया। सोनारी थाना शांति समिति के सदस्य प्रदीप लाल, हरिदास, अभय, अरविंद सिंह तथा सामाजिक कार्यकर्ता बाबू माझी सहित कई गणमान्य लोग भी सेवा में शामिल हुए। आयोजन की शुरुआत अरदास के साथ हुई, जिसमें समस्त मानव जाति और विश्व कल्याण की कामना की गई।

सिख इतिहास के अनुसार गुरु अर्जन देव जी ने सत्य, धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। वर्ष 1606 में लाहौर में उन्हें अमानवीय यातनाएं दी गईं, लेकिन उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनकी शहादत को सिख इतिहास में अद्वितीय स्थान प्राप्त है। इसी स्मृति में प्रत्येक वर्ष देश-विदेश में छबील लगाकर लोगों को शर्बत वितरित किया जाता है, जो सेवा, समर्पण और मानवता के संदेश का प्रतीक माना जाता है।

सोनारी में आयोजित इस छबील के दौरान पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, सेवा और भाईचारे का वातावरण देखने को मिला। राहगीरों ने भी इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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