जमशेदपुर। दक्षिण पूर्व रेलवे के टाटानगर रेल सिविल डिफेंस द्वारा शुक्रवार को इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेनिंग सेंटर में रिफ्रेशर लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों के लिए राज्य विशिष्ट आपदा “सर्पदंश” को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य रेलवे कर्मियों को विषैले और विषहीन सांपों की पहचान, सर्पदंश के बाद प्राथमिक उपचार, सुरक्षा उपायों तथा आपदा के समय सतर्कता के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में चक्रधरपुर मंडल के टाटानगर, राउरकेला, झारसुगुड़ा, डोंगवापोशी, चक्रधरपुर, खड़गपुर, संतरागाछी, आद्रा, बोकारो और रांची से आए रिफ्रेशर लोको पायलटों एवं सहायक लोको पायलटों ने भाग लिया। प्रशिक्षण इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेनिंग सेंटर के सभागार में आयोजित किया गया, जहां डिजिटल माध्यम से पावर प्वाइंट प्रस्तुति के जरिए विभिन्न जानकारियां दी गईं।
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि देश में लगातार बढ़ रही सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए भारत सरकार ने इसे राज्य विशिष्ट आपदा के रूप में मान्यता दी है। झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में सर्पदंश से होने वाली मौतों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सर्पदंश से मृत्यु होने पर मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है।
प्रशिक्षण के दौरान विषैले और विषहीन सांपों की पहचान, सांप काटने के बाद शरीर में दिखने वाले लक्षण, तत्काल प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अलावा सड़क और चौक-चौराहों पर घूमने वाले तथा पीछा करने वाले कुत्तों में रेबीज संक्रमण के लक्षण, उससे बचाव और प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी भी टेली फिल्म के माध्यम से दी गई, ताकि रात्रि ड्यूटी के दौरान लोको पायलट अधिक सतर्क और जागरूक रह सकें।
कार्यक्रम के दौरान सिविल डिफेंस डिमॉन्स्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने संस्थान परिसर में मॉक ड्रिल के माध्यम से लोको इंजन में उपयोग होने वाले ड्राई केमिकल पाउडर और कार्बन डाई ऑक्साइड आधारित अग्निशमन यंत्रों के इस्तेमाल की विधि का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में लोको पायलटों ने रेल सिविल डिफेंस द्वारा दिए जा रहे व्यवहारिक और कौशल आधारित प्रशिक्षण की सराहना करते हुए इसे ड्यूटी के दौरान बेहद उपयोगी बताया।

