जमशेदपुर। मंगलवार को जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के खिलाफ आयोजित धरना में रेल प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि यात्री ट्रेनों को समय पर नहीं चलाया गया तो जनता मजबूर होकर मालगाड़ियों को रोकने का आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जल्द ही 20-21 लोगों की एक समिति बनाई जाएगी, जो इस मुद्दे को संगठित रूप से उठाएगी और आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली जाकर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं रेल मंत्री से मुलाकात करेगी।
धरना को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शुरुआत उन्होंने अकेले की थी, लेकिन यह मुद्दा आम जनता से जुड़ा होने के कारण कई संगठनों ने समर्थन दिया। अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन, चेंबर ऑफ कॉमर्स, आजसू, विश्व हिंदू परिषद, आदिवासी हो समाज, मुंडा समाज, उगता भारत संस्था और चित्रगुप्त कल्याण समिति सहित कई संगठनों ने इस आंदोलन में भागीदारी निभाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राजनीतिक नहीं बल्कि जनहित का मुद्दा है, इसलिए सभी दलों और वर्गों को मिलकर इसे उठाना चाहिए।
सरयू राय ने कहा कि टाटानगर आने-जाने वाली यात्री ट्रेनें चार से पांच घंटे तक विलंब से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है और परिवारों को बीच रास्ते में घंटों इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि थोड़ी देरी से माल पहुंचने पर व्यापारियों को ज्यादा नुकसान नहीं होता।
उन्होंने चक्रधरपुर रेल मंडल की उपेक्षा का भी आरोप लगाया और कहा कि अन्य मंडलों में जो कार्य पहले ही पूरे हो चुके हैं, वे यहां अभी शुरू हो रहे हैं। कार्यक्रम में शिवशंकर सिंह, सुबोध श्रीवास्तव, हेमंत पाठक, कन्हैया सिंह, मानव केडिया, अजय कुमार, पवन सिंह, अंजलि सिंह, प्रवीण सिंह, आफताब अहमद सिद्दिकी, अजय कुमार गुप्ता, गोमिया सुंडी, राजू सिंह और भास्कर मुखी समेत कई लोगों ने संबोधन किया।
धरना स्थल को अंतिम समय में बदले जाने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई और रेल मंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। इसके बावजूद तेज धूप में सैकड़ों लोग डटे रहे और आंदोलन को सफल बनाया।

