Breaking
Fri. Mar 20th, 2026

हजारीबाग में पूर्व मंत्री का आवास बुलडोजर से ध्वस्त, सियासत गरमाई*

हजारीबाग*: हजारीबाग जिले के बड़कागांव क्षेत्र में गुरुवार को जिला प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव के आवास को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई भारी पुलिस बल और दंडाधिकारियों की मौजूदगी में की गई।

खनन परियोजना के लिए खाली कराई गई जमीन

प्रशासन के अनुसार, जिस जमीन पर आवास बना था, वह कोल माइंस परियोजना के लिए पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी थी। कोयला उत्पादन कार्य में बाधा न आए, इसके लिए अतिक्रमण हटाना आवश्यक था। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित पक्ष को पहले कई बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन अनुपालन नहीं होने पर कार्रवाई की गई।

परिवार का विरोध, मुआवजे पर सवाल

कार्रवाई की सूचना मिलते ही योगेंद्र साव की पुत्री और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद मौके पर पहुंचीं और विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उचित मुआवजे के आवास को ध्वस्त किया गया। उनका कहना है कि मुआवजे का मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित है, इसके बावजूद प्रशासन ने जल्दबाजी में कार्रवाई की।

कानूनी चुनौती की तैयारी

अंबा प्रसाद ने इस कार्रवाई को ‘भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013’ का उल्लंघन बताते हुए कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ध्वस्तीकरण के दौरान परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद थे, जिसे नजरअंदाज किया गया।

पहले से तनावपूर्ण था माहौल

बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में क्षेत्र में एनटीपीसी और योगेंद्र साव के समर्थकों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। कंपनी के कर्मचारियों और वाहनों पर हमले की घटनाओं के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच यह कार्रवाई की।

इलाके में स्थिति सामान्य, सियासत तेज

ध्वस्तीकरण के बाद फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन इस घटना को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

क्या यह कदम सही था?

प्रशासन इसे कानूनी कार्रवाई बता रहा है, जबकि प्रभावित पक्ष इसे अन्यायपूर्ण और जल्दबाजी में उठाया गया कदम मान रहा है। ऐसे में अब सबकी नजर आगामी कानूनी और राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी

Related Post