Breaking
Thu. Mar 19th, 2026

लोको पायलटों को दिया गया जीवन रक्षक प्रशिक्षण, एंबुलेंस सेवा व आपदा प्रबंधन की जानकारी

जमशेदपुर: टाटानगर रेल सिविल डिफेंस की ओर से गुरुवार को इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र में लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उन्हें एंबुलेंस सेवा के प्रभावी उपयोग, बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) तथा आपात स्थिति में त्वरित बचाव के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने की। उन्होंने गोल्डन आवर के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में यदि सही तरीके से प्राथमिक उपचार और सहायता दी जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों को डायल 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं के बीच अंतर और उनके उचित उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि 102 एंबुलेंस मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की आपात स्थिति के लिए उपयोगी है, जबकि 108 एंबुलेंस गंभीर दुर्घटनाओं, हार्ट अटैक या अत्यधिक रक्तस्राव जैसी स्थितियों में जीवन रक्षक सेवा प्रदान करती है। साथ ही यह भी समझाया गया कि 108 एंबुलेंस में एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट की सुविधा उपलब्ध होती है, जबकि 102 में बेसिक लाइफ सपोर्ट की व्यवस्था रहती है।

प्रशिक्षण के दौरान सिविल डिफेंस के डेमोंस्ट्रेटर अनिल कुमार सिंह और कल्याण कुमार साहू ने फायर एक्सटिंग्विशर के इस्तेमाल, एलपीजी गैस रिसाव से लगी आग पर नियंत्रण पाने के उपाय, अस्थायी स्ट्रेचर बनाने की तकनीक और घायलों को सुरक्षित तरीके से एंबुलेंस तक पहुंचाने की विधियां व्यावहारिक रूप से प्रदर्शित कीं।

इस अवसर पर दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर, रांची, आद्रा और खड़गपुर मंडल से आए लगभग 200 लोको पायलट और सहायक लोको पायलट मौजूद रहे। प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य शुभेंदु हलधर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से कर्मचारियों की आपदा प्रबंधन क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने भविष्य में प्रत्येक माह चार दिनों तक नियमित सुरक्षा प्रशिक्षण आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा।

Related Post