जमशेदपुर। पूर्व मंत्री और भाजपा नेता दुलाल भुईयां ने मैया सम्मान योजना के सत्यापन कार्य में महिलाओं को हो रही परेशानियों को लेकर राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को जमशेदपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में उमड़ी भारी भीड़ और अव्यवस्था को लेकर उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता करार दिया।
दुलाल भुईयां ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच महिलाओं को घंटों लाइन में खड़ा रखना पूरी तरह अमानवीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सत्यापन प्रक्रिया शुरू तो कर दी, लेकिन इसके लिए जरूरी सुविधाओं और पर्याप्त केंद्रों की व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने कहा कि 42 से 43 डिग्री तापमान में दूर-दराज से पहुंची महिलाएं धूप में घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं, जबकि मौके पर ना छांव की व्यवस्था है और ना ही पीने के पानी की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
सोमवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में महिलाएं सत्यापन कराने पहुंचीं। भीड़ इतनी अधिक थी कि परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। तेज धूप और उमस के कारण कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई, जबकि कुछ महिलाएं बेहोश होकर गिर पड़ीं। लंबी कतार और अव्यवस्था से परेशान महिलाएं प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करती नजर आईं।
महिलाओं का कहना था कि पहले उन्हें योजना की राशि नियमित रूप से मिल रही थी, लेकिन सत्यापन प्रक्रिया शुरू होने के बाद भुगतान बंद हो गया है। इसी कारण मजबूरी में उन्हें तपती धूप में घंटों खड़ा रहना पड़ रहा है। कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने सत्यापन प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस तैयारी नहीं की है।
दुलाल भुईयां ने मांग की कि महिलाओं की सुविधा को देखते हुए नगर निगम, स्थानीय निकायों और प्रज्ञा केंद्रों में अतिरिक्त सत्यापन केंद्र बनाए जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को घर-घर जाकर सत्यापन कराने की व्यवस्था करनी चाहिए। उनके अनुसार ऐसा करने से फर्जी लाभुकों की पहचान करने और अपात्र लोगों को सूची से हटाने में आसानी होगी, साथ ही महिलाओं को अनावश्यक परेशानी से भी बचाया जा सकेगा। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार के कथनी करनी में अंतर बताया है।

