जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट को लेकर गुरुवार को जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया है। उन्होंने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से आग्रह किया है कि जिन इलाकों में पिछले दस से पंद्रह दिनों से पेयजलापूर्ति ठप है, वहां तत्काल टैंकर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाए।
सरयू राय ने बताया कि उन्हें लगातार स्थानीय लोगों से शिकायतें मिल रही हैं, जिन्हें उन्होंने वाट्सएप और एक्स के जरिए उपायुक्त तक भी पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि जब इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया गया था, तब सरकार की ओर से यह दावा किया गया कि मानगो नगर निगम क्षेत्र में सभी जगह नियमित जलापूर्ति हो रही है, लेकिन अब जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग सामने आ रही है।
उन्होंने जिन प्रभावित क्षेत्रों का उल्लेख किया है, उनमें पोस्ट ऑफिस रोड, प्रह्लाद नगर, चटाई कॉलोनी, आनंद विहार फ्लैट के पीछे और आसपास की बस्तियां शामिल हैं, जहां लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। कई जगहों पर तो स्थिति इतनी गंभीर है कि लोगों को दूसरे इलाकों से पानी खरीदकर लाना पड़ रहा है।
विधायक ने मानगो नगर निगम के अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वे इस गंभीर समस्या के प्रति संवेदनशील नहीं हैं। हर दिन नए-नए कारण बताकर लोगों को केवल आश्वासन दिया जा रहा है, जबकि स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने बताया कि कई मोहल्लों में देर रात एक-दो बजे के बीच महज कुछ मिनटों के लिए पानी आता है, जिससे लोग पानी संग्रह भी नहीं कर पाते।
सरयू राय ने यह भी कहा कि मानगो क्षेत्र के पेयजल का एक बड़ा हिस्सा एमजीएम अस्पताल में भेजा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त जल व्यवस्था किए अस्पताल को जल्दबाजी में शुरू कर दिया गया, जिसका खामियाजा अब आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पहले जहां प्रतिदिन 1.20 लाख लीटर पानी भेजे जाने की बात कही जा रही थी, वहीं अब सरकार ने इसे घटाकर 72 हजार लीटर बताया है।
गर्मी के मौसम के आगमन के साथ स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। भूजल स्तर नीचे जाने के कारण चापाकल भी जवाब देने लगे हैं। ऐसे में लोगों की निर्भरता पूरी तरह सरकारी जलापूर्ति पर बढ़ गई है, जो फिलहाल पूरी तरह चरमरा चुकी है।
अंत में सरयू राय ने उपायुक्त से मांग की कि प्रभावित मोहल्लों की सूची तैयार कर वहां नियमित रूप से टैंकर के जरिए पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आम जनता का आक्रोश प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ खुलकर सामने आ सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

