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बच्चा चोरी के शक में चार युवकों को घेरा, पुलिस ने बचाई जान

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के कराईकेला थाना क्षेत्र के सुदूर जंगली इलाके में बुधवार शाम बच्चा चोरी की अफवाह ने एक बड़ी अनहोनी को जन्म देने की स्थिति पैदा कर दी। बुरुडीह गांव के ग्रामीणों ने संदेह के आधार पर चार युवकों को बच्चा चोर समझकर घेर लिया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि किसी भी वक्त मॉब लिंचिंग जैसी घटना हो सकती थी, लेकिन समय रहते पुलिस के हस्तक्षेप से चारों युवकों की जान बच गई।

घटना कराईकेला थाना क्षेत्र से करीब छह किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच बसे बुरुडीह गांव की है। यहां के ग्रामीणों ने संदिग्ध हालत में घूम रहे चार युवकों को देखा और उन्हें बच्चा चोर समझ लिया। देखते ही देखते ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

सूचना मिलते ही कराईकेला थाना प्रभारी प्यारे हसन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों युवकों को ग्रामीणों के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस उन्हें थाने ले आई, जहां पूछताछ के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

जांच में सामने आया कि पकड़े गए चारों युवक गुदड़ी थाना क्षेत्र के बंदोकुमा गांव के निवासी हैं, जिनकी पहचान बुधवा हासा पूर्ति, किशनु हासा पूर्ति, सानू हासा पूर्ति और एतवा हासा पूर्ति के रूप में हुई। ये सभी पक्षी पकड़ने का काम करते हैं और उसी सिलसिले में बुरुडीह के जंगल में आए थे। पुलिस ने तलाशी के दौरान उनके पास से पक्षी पकड़ने के उपकरण और चार पकड़े गए पक्षी भी बरामद किए।

पुलिस ने सोनुवा थाना से संपर्क कर युवकों के पते और पेशे की पुष्टि की, जिसके बाद यह साफ हो गया कि वे निर्दोष हैं। इसके बाद चारों को आवश्यक हिदायत देकर सुरक्षित छोड़ दिया गया।

थाना प्रभारी प्यारे हसन ने इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और कानून को अपने हाथ में लेने से बचें। उन्होंने कहा कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, न कि खुद कार्रवाई करें।

गौरतलब है कि इन दिनों झारखंड के कई इलाकों में बच्चा चोरी की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप और फेसबुक पर वायरल हो रहे भ्रामक संदेश और वीडियो लोगों में डर और भ्रम पैदा कर रहे हैं, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।

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