बोकारो:- जिले के *बड़कीपुन्नू करमाली टोला तथा महुआटांड़ के गांगपुर क्षेत्र में 5 एवं 6 फरवरी 2026* को हाथी के हमले से घटित अत्यंत दुखद घटनाओं में एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित कुल पाँच लोगों की मृत्यु हो गई है। इसके अलावा *कुछ ग्रामीण घायल हुए हैं, जिनका इलाज वर्तमान में जारी* है। जिला प्रशासन *इस त्रासदी से अत्यंत मर्माहत है तथा पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त* करता है। उक्त बातें *उपायुक्त अजय नाथ झा* ने शनिवार को कहीं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए *उपायुक्त* के निर्देश पर *सभी संबंधित विभागों द्वारा त्वरित, समन्वित एवं बहुआयामी कार्रवाई सुनिश्चित* की जा रही है।
*विशेषज्ञ टीम की हुई तैनाती*
हाथी प्रबंधन एवं रेस्क्यू कार्य में विशेषज्ञता रखने वाली *पश्चिम बंगाल के बांकुरा से 16 सदस्यीय टीम को बुलाया* गया है, जो आज शाम 4 बजे तक जिले में पहुँच जाएगी। यह टीम *वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति को नियंत्रित करने* में सहयोग करेगी।
*चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था*
हाथी हमले में घायल *सभी व्यक्तियों को सदर अस्पताल, रामगढ़ में भर्ती* कराया गया है। उनके समुचित इलाज के लिए *डॉक्टरों की एक विशेष मेडिकल टीम गठित* की गई है। *आर.एफ.ओ कुजू अपनी टीम के साथ अस्पताल में मौजूद रहकर घायलों की निरंतर देख रेख* कर रहे हैं तथा *राहत कोष के माध्यम से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई* जा रही है।
*ट्रैंक्विलाइजेशन एवं रेस्क्यू की कार्रवाई*
हाथियों को सुरक्षित रूप से *बेहोश कर रेस्क्यू करने के लिए ‘वंतारा’ टीम से संपर्क* किया गया है, जो आज दिन के अंत तक घटनास्थल पर पहुँच जाएगी।
तब तक *एक क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी* रख रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
*मुआवजा एवं राहत सहायता*
घटनास्थल पर तैनात क्यूआरटी द्वारा *मृतकों के परिजनों एवं प्रभावित परिवारों को नियमानुसार तत्काल मुआवजा राशि उपलब्ध कराई* जा रही है। आगे की सहायता प्रक्रियाएं भी शीघ्र पूर्ण की जाएँगी।
*ग्रामीणों की सुरक्षा हेतु तात्कालिक उपाय*
संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले *ग्रामीणों को टॉर्च एवं मशालें वितरित* करने की व्यवस्था की जा रही हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर *सुरक्षा एवं सतर्कता टीमों का गठन* किया गया है, जो *रात्रिकालीन गश्त एवं सूचना तंत्र को मजबूत* करेंगी।
*दीर्घकालिक सुरक्षा व्यवस्था*
भविष्य में *ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु संवेदनशील गांवों की पहचान* की जा रही है। इन गांवों में *सोलर लाइट लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ* की जाएगी, जिससे *रात्रि में दृश्यता बढ़े और हाथी-मानव संघर्ष की संभावना कम से कम* हो।
*निगरानी एवं समस्याग्रस्त हाथी की पहचान*
समस्याग्रस्त *हाथी की सटीक पहचान एवं उसकी गतिविधियों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों से फुटेज* ली जा रही है। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
*उपायुक्त अजय नाथ झा* ने सभी संबंधित विभागों को *आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, ग्रामीणों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता* देने तथा स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक *सतत निगरानी बनाए रखने का स्पष्ट* निर्देश दिया है। जिला प्रशासन *पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई* जा रही है।
*हाथी विचरण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की सतत मॉनीटरिंग*
हाथी विचरण वाले *प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित नहीं हो, इसे सुनिश्चित करने हेतु प्रशासन द्वारा सतत निगरानी* की जा रही है। *उपायुक्त श्री अजय नाथ झा स्वयं इस व्यवस्था पर लगातार नजर रखे* हुए हैं।
इस क्रम में *कार्यपालक अभियंता, तेनुघाट को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि इन संवेदनशील क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की नियमित, प्रभावी एवं सतत मॉनीटरिंग सुनिश्चित* की जाए, ताकि रात्रिकालीन समय में *अंधेरे के कारण किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को रोका* जा सके।
साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि *अंडरग्राउंड वायर में फाल्ट की स्थिति उत्पन्न होने पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ओवरहेड वायर के माध्यम से तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल* की जाए, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनी रहे।

