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Sat. Feb 7th, 2026

साननंदा में मागे पर्व की धूम, विधायक सोनाराम सिंकु परिवार संग हुए शामिल*

जगन्नाथपुर। पश्चिमी सिंहभूम जिला स्थित जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम साननंदा में आदिवासी पर्व मागे पर्व शनिवार को श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर जगन्नाथपुर विधायक सह उप मुख्य सचेतक सोनाराम सिंकु अपने परिवार के साथ शामिल हुए, जिससे गांव में उत्सव का माहौल और भी उल्लासपूर्ण हो गया।

मागे पर्व के अवसर पर सोनाराम सिंकु अपनी पत्नी तुलसी सिंकु, पुत्र जगप्रीत सिंकु तथा पुत्री ईशा सिंकु और निशा सिंकु के साथ गांव स्थित जहेरा स्थल पहुंचे। मागे पर्व आदिवासी हो समाज का प्रमुख पर्व माना जाता है, जो गऊमाराह से प्रारंभ होकर ओतेएली, गोरीपर्व, मरांगपर्व, बासीपार्व एवं हारमागेया पर्व के रूप में मनाया जाता है।

मरांगपर्व के दिन मुख्य देऊरी सारीम लागुरी एवं सहायक देऊरी मनोज बोबोंगा द्वारा गांव की सुख-समृद्धि, शांति और मंगलकामना के लिए विधिवत पूजा-अर्चना कराई गई। इस पूजा में हजारों की संख्या में ग्रामीण श्रद्धा के साथ शामिल हुए।

पूजा के उपरांत गांव में पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मंदार की गूंजती धुन पर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पारंपरिक नृत्य और गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सभी बढ़-चढ़कर शामिल हुए और पूरे गांव में पर्व जैसा माहौल बना रहा।

विधायक के आगमन पर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक रीति-रिवाज से स्वागत किया। इस दौरान सोनाराम सिंकु ने ग्रामीणों को मागे पर्व की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र के विकास तथा जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

ग्राम साननंदा में इस वर्ष मागे पर्व भाईचारे, सांस्कृतिक परंपराओं और सामूहिक उल्लास के साथ मनाया गया। पूरे गांव में खुशी का माहौल रहा और लोगों ने इस पर्व को यादगार रूप में मनाया।

मौके पर मथुरा लागुरी, अजीत गागराई, रमेश हेंब्रम, रासिका लागुरी, सुशील लागुरी, रंजीत गागराई, रोशन पान, बुधन गागराई, मंजीत लागुरी (ग्रामीण मुंडा), रामकृष्ण लागुरी, जनसिंह देवगम, अमित लागुरी, लक्ष्मी नारायण गागराई, लक्ष्मी नारायण लागुरी, इंद्रजीत गोप, सुभाष लागुरी, रामसिंह कायम, रघुनाथ कायम, लक्ष्मण गागराई, राम गागराई, नजीर लागुरी, मनबोध लोहार, विनीत लागुरी, पांडु देवगम, नजीर गागराई, तुरी लागुरी सहित गांव के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

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