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सिंहभूम चैम्बर में जीएसटीआर-9 एवं 9सी में हुये बदलावों से अवगत हुये व्यवसायी प्रोफेशनल्स एवं चैम्बर सदस्य*

सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के द्वारा शनिवार दिनांक 29 नवंबर, 2025 को जीएसटीआर-9 एवं 9सी विषय पर एक सेमिनार का आयोजन चैम्बर भवन में किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डीजीजीआई के अपर निदेषक सार्थक सक्सेना, आई.आर.एस. एवं वक्ता के रूप में कोलकाता से आये विषेशज्ञ सीए विकास कुमार बंका उपस्थित ने उपस्थित सदस्यों को विस्तृत जानकारी दी।

उपाध्यक्ष अधिवक्ता राजीव अग्रवाल ने उपस्थित अतिथियों का परिचय कराते हुये कार्यक्रम को आगे बढ़ाया तथा मानद महासचिव पुनीत कांवटिया ने मंच संचालन किया। तत्पष्चात अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई।

इस अवसर पर अध्यक्ष मानव केडिया ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुये कहा कि चैम्बर 28 नवंबर, 1950 में विधिवत रूप से पंजीकृत होकर व्यवसायी, उद्यमी हित मे ंकार्य करते हुये अपना प्लेटिनम जुबिली वर्ष पूरा कर भविष्य के ऐतिहासिक पल और प्रमुख आयोजनांे की रूपरेखा की तैयारी के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से चैम्बर आपसी सहयोग और दृढ़ संकल्प के साथ केन्द्रीय मंत्रालयों और सरकार की विभिन्न संस्थाओं के साथ संवाद स्थापित कर महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाता रहा है। इसमें जीएसटी से संबंधित समस्यायें भी है जिनपर सुधार हेतु सरकार को लगातार परामर्ष देता है। और इन समस्याओं के निदान को लेकर अपने सदस्यों और प्रोफेषनल्स को भी जागृत करती है। इसी कड़ी में आज का यह सेमिनार जीएसटीआर-9 एवं 9सी विषय पर आयोजित किया गया है जिसमें इसके अनुभवी विषेषज्ञ इसमें हुये बदलावों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायेंगे जिसका लाभ सभी को मिलेगा।

इस अवसर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डीजीजीआई के एडिषनल डायरेक्ट सार्थक सक्सेना, आई.आर.एस ने चैम्बर के कार्यों की सराहना करते हुये कहा कि चैम्बर अपने उत्तरदायित्वों को बखूबी निभा रहा है। भविष्य में भी व्यवसायी जगत को इनसे जो उम्मीद है उसे चैम्बर पूरा करने में खरा उतरेगा।

उन्होंने आई.एम.एस. (इनवॉयस मैनेजमेंट सिस्टम) में हुये बदलावों पर विस्तृत चर्चा की। और लोगों से अपील किया कि सही तरीके से ट्रांजेक्षन करे और किसी भी तरह के गलत ट्रांजेक्षन में शामिल न हों जिससे उनको आगे जाकर परेषानियों का सामना करना पडे़।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुये सीए विकास कुमार बंका ने जीएसटीआर-9 एवं 9सी में हुये बदलावों को रखा। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 से (अगली फाइलिंग अवधि), जीएसटीआर-9 और जीएसटीआर-9सी फॉर्म्स में महत्वपूर्ण अपडेट हुये हैं।

अब नया जीएसटीआर-9 फॉर्म ज्यादा डिटेल मांगता है – आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) रिवर्सल, रिक्लेम, ट्रान्जेक्षनल क्रेडिट, इम्पोर्ट संबंधित क्रेडिट आदि का विवरण देना अनिवार्य हुआ है।

नये फॉर्म में टेबुल 6ए1 (पिछले वित्त वर्ष का आईटीसी, जिसे वर्तमान में क्लेम किया गया) और 6ए2 (वर्तमान वर्ष का नेट आईटीसी) जैसे श्रेणियां जोड़ी गई है।

उन्होंने बताया कि 6एम अब आईटीसी-01, आईटीसी-02/आईटीसी-02ए (जिनमें रि-आर्गेनाईजेषन, मर्जर/डिमर्जर या बिजनेस ट्रांसफर शामिल है।) के तहत क्रेडिट ट्रांसफर को दिखाता है।

जीएसटीआर-9/9सी फाईल करने से पहले, पूरे वर्ष की जीएसटीआर-1 (आउटवर्ड सप्लाईज) और जीएसटीआर-3बी (समरी रिटर्न) जमा करना अनिवार्य हुआ है।

अब छोटे करदाताओं (जिनका औसत टर्नओवर दो करोड़ से नीचे) को जीएसटीआर-9 फाईलिंग से स्थाई राहत दी गई है। वे अब वार्षिक रिटर्न के दायरे से बाहर रहेंगे।

वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये जीएसटीआर-9 और जीएसटीआर-9सी फॉर्म्स पोर्टल पर 12 अक्टूबर, 2025 से उपलब्ध है।

उन्होंने जानकारी दी कि इस बार की फाईलिंग की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2025 रखी गई है। इसके अलावा इससे संबंधित उन्होंने और भी कई बातों को रखा।

उक्त सेमिनार को सहयोगी के रूप में सफल बनाने में एन.एस.आई.सी. का महत्वपूर्ण योगदान रहा। एनएसआईसी से आये श्री भट्टाचार्य जी ने एनएसआईसी के क्रियाकलापों कोे उपस्थित सदस्यों के समक्ष रखा। चैम्बर ने उसके इस सहयोग के लिये उन्हें सम्मानित किया।

उपस्थित सदस्यों, प्रोफेषनल्स एवं चैम्बर सदस्यों .ने इससे संबंधित कुछ सवाल किये जिसका जवाब मुख्य वक्ता ने दिया।

सेमिनार के अंत में धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष सीए अनिल रिंगसिया ने किया। सेमिनार को सफल बनाने में सेमिनार के को-ऑर्डिनेटर श्री पीयूष गोयल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष अनिल मोदी, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, बिनोद शर्मा, भरत मकानी, पूर्व अध्यक्ष मुरलीधर केडिया, सीए जगदीष खंडेलवाल, सतीष सिंह, सीए कौषलेन्द्र दास, नीरज अग्रवाल, आषीष अग्रवाल, आलोक केडिया, सीए एस.के मिश्रा, पारस अग्रवाल, अनिल शर्मा, महावीर प्रसाद अग्रवाल, सांवरमल अग्रवाल, उमंग अग्रवाल, राजेष कुमार अग्रवाल के अलावा बड़ी संख्या में व्यवसायी, प्रोफेषनल एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित थे।*

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